विदेशी सैलानियों में भी बढ़ी दिलचस्पी

इंडिया रिपोर्टर लाइव
भोपाल, 27 सितंबर 2026। मध्यप्रदेश में पर्यटन तेजी से बढ़ रहा है। वर्ष 2025 में प्रदेश में 21 करोड़ 5 लाख से ज्यादा पर्यटक पहुंचे। यह संख्या वर्ष 2024 के मुकाबले करीब 57 प्रतिशत अधिक है। खास बात यह है कि घरेलू पर्यटकों के साथ विदेशी सैलानियों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2025 में 1 लाख 83 हजार से ज्यादा विदेशी पर्यटक मध्यप्रदेश पहुंचे, जो पिछले साल की तुलना में 9.10 प्रतिशत अधिक हैं।
उज्जैन सबसे बड़ा पर्यटन केंद्र
पर्यटकों की संख्या के मामले में उज्जैन प्रदेश में सबसे आगे रहा। वर्ष 2025 में यहां 8 करोड़ 40 लाख से अधिक पर्यटक पहुंचे। महाकाल महालोक और ज्योतिर्लिंग प्रमुख आकर्षण रहे। इसके बाद इंदौर में 2 करोड़ 80 लाख से अधिक, चित्रकूट में 1.62 करोड़ और मैहर में 1.61 करोड़ पर्यटकों का आगमन हुआ। दतिया के रतनगढ़ माता मंदिर में करीब एक करोड़, नलखेड़ा के मां बगलामुखी मंदिर में 51.69 लाख और अमरकंटक में 43.17 लाख पर्यटक पहुंचे। इससे धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन की प्रदेश में बढ़ती लोकप्रियता का पता चलता है।
वन्यजीव पर्यटन विदेशी सैलानियों की पसंद
मध्यप्रदेश के राष्ट्रीय उद्यान और टाइगर रिजर्व विदेशी पर्यटकों को भी आकर्षित कर रहे हैं। वर्ष 2025 में प्रदेश आए 1.83 लाख विदेशी पर्यटकों में से 93,412 यानी आधे से ज्यादा ने वन्यजीव पर्यटन स्थलों का रुख किया। इस क्षेत्र में विदेशी पर्यटकों की संख्या 17.44 प्रतिशत बढ़ी। बांधवगढ़ में 31,390 और कान्हा में 23,992 विदेशी पर्यटक पहुंचे। प्रोजेक्ट चीता के बाद कूनो राष्ट्रीय उद्यान में पहली बार 6,316 विदेशी पर्यटक पहुंचे।
विरासत और ग्रामीण पर्यटन का भी विस्तार
प्रदेश के ऐतिहासिक और पुरातात्विक स्थलों पर भी पर्यटकों की संख्या बढ़ी है। वर्ष 2025 में करीब 59 लाख विरासत प्रेमी मध्यप्रदेश पहुंचे। भोजपुर, ग्वालियर, मांडू, खजुराहो, सांची, भीमबेटका और ओरछा प्रमुख आकर्षण रहे। चंदेरी के पास प्राणपुर को देश का पहला क्राफ्ट हैंडलूम टूरिज्म विलेज बनाया गया है। यहां पर्यटक बुनकरों को चंदेरी साड़ी और हस्तशिल्प बनाते देख सकते हैं। इसके अलावा प्रदेश के छह गांवों को एस्ट्रो विलेज के रूप में विकसित किया जा रहा है।
पर्यटन से रोजगार के नए अवसर
प्रदेश में होमस्टे, हेली पर्यटन और साहसिक पर्यटन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। स्काई डाइविंग, स्कूबा डाइविंग, कयाकिंग और बर्ड वॉचिंग जैसी गतिविधियां शुरू की गई हैं। गांधीसागर, हनुवंतिया, कूनो और चंदेरी के फेस्टिवल भी पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। पर्यटन विभाग के अनुसार बढ़ता पर्यटक आगमन प्रदेश में स्थानीय रोजगार और कारोबार के अवसर बढ़ाने में भी मदद कर रहा है।


