बोर्ड परीक्षाओं के ठीक बाद हो सकते हैं चुनाव

Indiareporter Live
शेयर करे

इंडिया रिपोर्टर लाइव

लखनऊ, 13 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव फरवरी-मार्च 2027 में कराना सांविधानिक बाध्यता है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पहले ही कह चुके हैं कि विधानसभा चुनाव अपने निर्धारित समय पर ही होंगे। फरवरी में यूपी बोर्ड परीक्षाएं भी होनी हैं। दोनों को एकसाथ कराना आयोग के लिए बड़ी चुनौती होगा। लिहाजा, यूपी में चुनावी इम्तिहान बोर्ड परीक्षाओं के बाद संभव है।

यूपी विधानसभा का कार्यकाल 22 मई 2027 को पूरा हो रहा है। वहीं, यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 5 फरवरी से 24 फरवरी के बीच होंगी। अनुमान लगाया जा रहा है कि विधानसभा चुनाव मार्च-अप्रैल में कराए जा सकते हैं। हालांकि, आयोग से जुड़े लोग इससे सहमत नहीं हैं क्योंकि वर्ष 2022 में भी यूपी समेत पांच राज्यों के चुनाव एकसाथ हुए थे। इस बार भी चुनाव आयोग ऐसा ही कराएगा।

यूपी विधानसभा का कार्यकाल भले ही मई में समाप्त हो रहा हो लेकिन मणिपुर, पंजाब, गोवा और उत्तराखंड विधानसभा का कार्यकाल क्रमश: 13, 16, 14 और 28 मार्च को पूरा हो रहा है। जानकारों का कहना है कि चुनाव आयोग यूपी का चुनाव अलग कराने का निर्णय शायद ही ले। इसलिए पांचों राज्यों का चुनाव 13 मार्च से पहले कराने की सांविधानिक बाध्यता है।

नहीं टकराएंगी तारीखें : विभाग
माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों का भी कहना है कि उच्चस्तर से बातचीत के बाद ही परीक्षा की तिथियां तय की गई हैं। लिहाजा, आयोग अपना कार्यक्रम इस तरह जारी करेगा जिससे परीक्षा और मतदान की तारीखें आपस में न टकराएं। यूपी में वर्ष 2022 में 8 जनवरी को आचार संहिता लगी थी। चुनाव 10 फरवरी से 7 मार्च के बीच सात चरणों में हुआ था। इस बार भी तिथियां कुछ ऐसी ही रहेंगी।

चुनाव के बीच यूपी बोर्ड परीक्षा कराना होगा चुनौती

 माध्यमिक शिक्षा विभाग को यूपी बोर्ड की परीक्षाएं विधानसभा चुनाव के बीच कराना बड़ी चुनौती होगी। यूपी समेत पांच राज्यों में फरवरी-मार्च में चुनाव कराना संवैधानिक बाध्यता है और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पहले ही कह चुके हैं कि ये चुनाव अपने निर्धारित समय पर होंगे। अलबत्ता यूपी बोर्ड की परीक्षाओं की तिथियों को ध्यान में रखते हुए चुनाव आयोग अपना कार्यक्रम जारी कर सकता है।

यूपी विधानसभा का कार्यकाल 22 मई 2027 को समाप्त हो रहा है। वहीं, यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 5 फरवरी से 24 फरवरी के बीच होंगी। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि विधानसभा चुनाव मार्च-अप्रैल में कराए जा सकते हैं। लेकिन, आयोग से जुड़े लोग इससे सहमत नहीं हैं। इसकी वजह है कि वर्ष 2022 में भी यूपी समेत पांच राज्यों के चुनाव एक साथ हुए थे। इस बार भी चुनाव आयोग ऐसा ही कराएगा।

अब यूपी की विधानसभा का कार्यकाल भले ही मई में समाप्त हो रहा हो, लेकिन मणिपुर, पंजाब, गोवा और उत्तराखंड की विधानसभा का कार्यकाल क्रमश: 13 मार्च, 16 मार्च, 14 मार्च और 28 मार्च को समाप्त हो रहा है। जानकारों का कहना है कि यूपी का चुनाव एकदम अलग कराने का निर्णय शायद ही चुनाव आयोग ले। इसलिए पांचों राज्यों यूपी, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर का चुनाव 13 मार्च से पहले कराने की संवैधानिक बाध्यता है।

माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों का भी कहना है कि उच्चस्तर से बातचीत के बाद ही परीक्षा की तिथियां तय की गई हैं। इसलिए माना जा रहा है कि आयोग अपना कार्यक्रम इस तरह से जारी करेगा कि परीक्षा और मतदान की तिथियां कॉमन न रहें। यहां बता दें कि वर्ष 2022 में यूपी में आचार संहिता 8 जनवरी को लगी थी। चुनाव सात चरणों में 10 फरवरी से 7 मार्च के बीच हुआ था। इस बार भी तिथियां कुछ इसी तरह से रहेंगी।

Leave a Reply

Next Post

खुबानी और अखरोट के बगीचे मिट्टी में जमा करते हैं ज्यादा कार्बन

शेयर करेसेब से आगे निकले दोनों फल इंडिया रिपोर्टर लाइव शिमला, 13 अक्टूबर 2026। बगीचों में पेड़ों की पत्तियां, जड़ें और दूसरे जैविक पदार्थ केवल पौधों के पोषण में ही योगदान नहीं देते, बल्कि मिट्टी में कार्बन जमा करने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। वैज्ञानिकों के एक अध्ययन में […]

You May Like

गिल 5वीं बार ICC प्लेयर ऑफ द मंथ बने....|....सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली प्रदर्शन पर सुनवाई टली....|....पाकिस्तान में ट्रेन पटरी से उतरी, 6 की मौत....|....छत्तीसगढ़ में बस सफर महंगा: किराए में 40% तक बढ़ोतरी....|....पुरी में होटल बुकिंग के नाम पर छात्रा से 90 हजार की ठगी....|....अनियंत्रित होकर पलटी तेज रफ्तार यात्री बस....|....ऑनलाइन रिफंड के नाम पर साइबर ठगों का नया पैंतरा....|....खुबानी और अखरोट के बगीचे मिट्टी में जमा करते हैं ज्यादा कार्बन....|....बोर्ड परीक्षाओं के ठीक बाद हो सकते हैं चुनाव....|....माइकल जॉर्डन की जर्सी 133 करोड़ रुपये में बिकी