
इंडिया रिपोर्टर लाइव
नई दिल्ली, 02 नवंबर 2026। नियमित व्यायाम सिर्फ शरीर को फिट रखने में ही नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य सुधारने में भी मददगार है। शोध बताते हैं कि एक्सरसाइज के दौरान मांसपेशियों से निकलने वाले मायोकिन्स और डोपामाइन-सेरोटोनिन जैसे केमिकल मूड बेहतर करते हैं। इससे तनाव, डिप्रेशन और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से निपटने में मदद मिल सकती है।
नियमित व्यायाम, शरीर के लिए कई प्रकार से लाभकारी माना जाता है। शोधकर्ताओं ने पाया कि इसके शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार के स्वास्थ्य लाभ हो सकते हैं। वजन कम करने से लेकर मेटाबॉलिज्म बढ़ाने, शरीर में रक्त के संचार को व्यस्थित रखने जैसे शारीरिक फायदों के साथ मूड को ठीक रखने, हैपी हार्मोन्स को बढ़ावा देने जैसे इसके कई मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित फायदे हो सकते हैं। पर आखिर व्यायाम हमारे मानसिक स्वाथ्य को कैसे लाभ पहुंचाता है, क्या आपने कभी इस बारे में सोचा? पिछले एक दशक के सबसे दिलचस्प अनुसंधानों में से एक यह देखा गया है कि वास्तव में व्यायाम हमें कैसे और कितना अच्छा महसूस कराता है। व्यायाम के दौरान आखिर हमारे शरीर में ऐसा क्या होता है जो यह मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है?
मानसिक स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित करता है व्यायाम?
शोध में अध्ययनकर्ताओं का कहना है, मानसिक स्वास्थ्य के लिए व्यायाम फायदेमंद हैं, इसके पीछे जो स्पष्ट वैज्ञानिक कारण प्रतीत होता है, वह है सेलुलर लेवल। जब मांसपेशियां सिकुड़ती हैं, तो उनसे रक्तप्रवाह में रसायनों का स्राव होता हैं। इन रसायनों में मायोकिन्स भी एक है जिसे “होप मॉलीक्यूल” कहा जाता है। ये छोटे प्रोटीन मस्तिष्क तक जाते हैं और वहां पर एंटीडिप्रेशेंट के रूप में कार्य करते हैं।
- ये हमारे मूड में सुधार करने, सीखने की हमारी क्षमता को बढ़ाने, लोकोमोटर गतिविधि के लिए हमारी क्षमता में सुधार करने और उम्र बढ़ने पर होने वाले नकारात्मक प्रभावों से मस्तिष्क की रक्षा करने में भी मदद करते हैं।
इन न्यूरोट्रांसमीटर्स का भी योगदान
मायोकिन्स सिर्फ मूड को ही ठीक नहीं करते हैं, ये बेहतर मेटाबॉलिज्म, शरीर में सूजन में कमी और मांसपेशियों की ताकत में वृद्धि के लिए भी जिम्मेदार हैं। हालांकि यहां समझना जरूरी है कि सिर्फ मायोकिन्स ही पूरी तरह से आपको अच्छा महसूस करने के लिए जिम्मेदार नहीं हैं।
व्यायाम के दौरान डोपामाइन और सेरोटोनिन जैसे न्यूरोट्रांसमीटर भी रिलीज होते हैं जो हमारे दिमाग पर सकारात्मक प्रभाव डालते हैं।
अवसाद जैसी समस्याओं में भी व्यायाम से मिलता है लाभ
डिप्रेशन की गंभीरता और इसके लक्षणों पर व्यायाम के प्रभाव को जानने के लिए किए गए अध्ययन में भी अच्छे परिणाम देखने को मिला है। शोधकर्ताओं का कहना है कि डिप्रेशन के शिकार लोगों के लिए व्यायाम एक प्रभावशाली उपचार विकल्प है।
- इसी तरह से नॉर्वे में किए गए एक अध्ययन से पता चलता है कि जो किशोर, शारीरिक रूप से सक्रिय रहते हैं उनमें आत्मसम्मान और जीवन की संतुष्टि की भावना अधिक होती है। अध्ययन यह भी बताते हैं कि शारीरिक रूप से निष्क्रियता और खराब मानसिक स्वास्थ्य वाले लोगों में खुद को नुकसान पहुंचाने और आत्महत्या के प्रयासों के मामले अधिक रिपोर्ट किए जाते हैं।
क्या कहते हैं शोधकर्ता?
अध्ययन के निष्कर्ष में स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हम दैनिक व्यायाम के साथ स्वस्थ शरीर और बेहतर मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा दे सकते हैं। सभी आयु वर्ग के लोगों को अपनी क्षमता के अनुसार दैनिक व्यायाम का चयन करना चाहिए। व्यायाम सिर्फ बॉडी बिल्डिंग के लिए नहीं हैं, इसके कई दीर्घकालिक लाभ भी हो सकते हैं। इससे आप खुश रहते हैं, आज के समय में खुश रहने से बढ़कर आपको और क्या चाहिए? नियमित व्यायाम सिर्फ शरीर को फिट रखने में ही नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य सुधारने में भी मददगार है। शोध बताते हैं कि एक्सरसाइज के दौरान मांसपेशियों से निकलने वाले मायोकिन्स और डोपामाइन-सेरोटोनिन जैसे केमिकल मूड बेहतर करते हैं। इससे तनाव, डिप्रेशन और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से निपटने में मदद मिल सकती है।


