टीम इंडिया का सिरदर्द मध्यक्रम: कोहली, पुजारा, रहाणे के तीनों टेस्ट के कुल रन रूट के स्कोर से भी कम

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इंडिया रिपोर्टर लाइव

नई दिल्ली 29 अगस्त 2021। लीड्स के हेंडिग्ले में इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए तीसरे टेस्ट में भारत को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। मेजबान इंग्लैंड ने टीम इंडिया को पारी और 76 रनों से हर दिया। इसी के साथ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज 1-1 से बराबर हो गई। वैसे तो मैच में टीम इंडिया हर क्षेत्र में कमजोर साबित हुई, लेकिन टीम के लिए सबसे बड़ा सिदद्र बना हुआ है मध्यक्रम का बड़ा स्कोर न कर पाना। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली, उप-कप्तान अजिंक्य रहाणे और टेस्ट विशेषज्ञ कहे जाने वाले चेतेश्वर पुजारा ने इस सीरीज में कुल 381 रन बनाए हैं। जबकि, इस दौरान सिर्फ इंग्लैंड के कप्तान जो रूट ने 507 रन जड़े हैं। भारत के तीनों बल्लेबाजों के ने इसके लिए 16 पारियां खेलीं, जबकि रूट ने 500 से ज्यादा रन सिर्फ पांच पारियों में बनाए।

2020 के बाद से सिर्फ रहाणे शतक जड़ सके

मध्यक्रम की खराब फॉर्म का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि कोहली, पुजारा और रहाणे के बल्ले से सिर्फ एक शतक निकला है। रहाणे के बल्ले से निकला वो शतक पिछले साल ऑस्ट्रेलिया दौरे पर आया। 26 दिसंबर 2020 को मेलबर्न में खेले गए मुकाबले में रहाणे ने 112 रन बनाए थे। पुजारा की बात करें, तो पिछला शतक उन्होंने जनवरी 2019 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी में लगाया था, जबकि लीड्स में उन्होंने 12 पारियों के बाद अर्धशतक लगाया। कुछ ऐसे ही हाल कोहली के भी हैं। वे पिछले 21 महीने से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शतक नहीं लगा पाए हैं। इस दौरान वे टेस्ट, वनडे और टी-20 इंटरनेशनल में 50 पारियां खेल चुके हैं। कोहली का आखिरी शतक नवंबर 2019 में बांग्लादेश के खिलाफ डे-नाइट टेस्ट मैच के दौरान आया था, तब उन्होंने 136 रन की पारी खेली थी।

लीड्स टेस्ट की पहली पारी में तीनों का बल्ला नहीं चला

लीड्स टेस्ट में भारत की हार की बड़ी वजह पहली पारी का कम स्कोर भी रहा। हालांकि, यहां भी मध्यक्रम बुरी तरह से फेल साबित हुआ। इस पारी में पुजारा नंबर तीन बल्लेबाजी करने उतरे और सिर्फ एक रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद कोहली भी सात रन बनाकर चलते बने। पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी करने आए रहाणे को शुरुआत तो मिली, लेकिन वे महज 18 रन बनाकर अपना विकेट गंवा बैठे।

सात मैच के बाद इंग्लैंड को जीत नसीब हुई

भारत की खराब बल्लेबाजी की बदौलत ही इंग्लैंड को सीरीज में वापसी करने का मौका मिला। पहली पारी में भारत को 78 रन पर समेटने के बाद इंग्लैंड ने मजबूत बढ़त ले ली। कोहली, पुजारा ने तीसरे दिन अच्छी बल्लेबाजी की, लेकिन हार टाल नहीं पाए और इंग्लैंड ने जीत दर्ज की। यह पिछले आठ टेस्ट में इंग्लैंड की पहली जीत है। इससे पहले के सात टेस्ट में इंग्लिश टीम को पांच में हार का सामना करना पड़ा, जबकि दो में वो टेस्ट बचाने में कामयाब रही।

पहली पारी महज 78 रन पर सिमटी थी

टीम इंडिया तीसरे टेस्ट के पहले दिन भारतीय बल्लेबाज इंग्लिश गेंदबाजों के आगे घुटने टेकते नजर आए थे। 78 रन का स्कोर इंग्लैंड के खिलाफ तीसरा सबसे छोटा स्कोर है। इससे पहले भारतीय टीम इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में साल 1974 में 42 और 1952 में मैनचेस्टर में 58 रन बनाकर ऑलआउट हो गई थी।

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