राहुल गांधी का आरोप, भारत के नायकों का अपमान करने के लिए बनाई गई अग्निवीर योजना, सेना ने दिया जवाब

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इंडिया रिपोर्टर लाइव

नई दिल्ली 23 अक्टूबर 2023। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को कहा कि अग्निवीर, भारत के वीरों के अपमान की योजना है। उन्होंने कहा कि अग्निवीरों की शहादत के बाद उसके परिजनों को पेंशन या अन्य लाभ नहीं दिया जाता है। राहुल के आरोपों को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सिरे से खारिज कर दिया। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने अग्निवीर गवाते अक्षय लक्ष्मण की तस्वीर साझा की और कहा कि सियाचिन में उनकी शहादत का समाचार बहुत दुखद है। उन्होंने कहा, ”उनके परिवार को मेरी गहरी संवेदनाएं।” राहुल ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा,”एक युवा, देश के लिए शहीद हो गया – सेवा के समय न ग्रेच्युटी न अन्य सैन्य सुविधाएं, और शहादत पर परिवार को पेंशन तक नहीं।” राहुल ने कहा, ”अग्निवीर, भारत के वीरों के अपमान की योजना है!”

भाजपा का पलटवार
भाजपा के आईटी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष अमित मालवीय ने आरोपों को ‘बिल्कुल बेबुनियाद और गैरजिम्मेदाराना’ बताया। उन्होंने कहा, ”अग्निवीर गवाते अक्षय लक्ष्मण ने सेवा के दौरान अपने प्राण गंवाए हैं और इसलिए वह ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले सैनिक के रूप में परिलाभ पाने के हकदार हैं।” मालवीय ने कहा,” इसके तहत, लक्ष्मण के परिजनों को 48 लाख रुपये का गैर-अंशदायी बीमा, 44 लाख रुपये की अनुग्रह राशि, अग्निवीर द्वारा योगदान की गई सेवा निधि (30 प्रतिशत), सरकार द्वारा समान योगदान के साथ, और उस पर ब्याज की रकम भी मिलेगी।

मालवीय ने दावा किया कि अग्निवीर की मृत्यु की तारीख से चार साल पूरे होने तक परिजनों को उसके शेष सेवाकाल के लिए उसका वेतन मिलेगा, जो 13 लाख रुपये से अधिक होगा। सशस्त्र बल युद्ध हताहत कोष से आठ लाख रुपये भी मिलेंगे। मालवीय ने अपने पोस्ट में कहा, ”इसलिए फर्जी खबरें न फैलाएं। आप प्रधानमंत्री बनने की आकांक्षा रखते हैं, कोशिश करें और वैसा ही व्यवहार करें।” सियाचिन में ड्यूटी के दौरान शनिवार तड़के, महाराष्ट्र के रहने वाले अग्निवीर लक्ष्मण की मौत हो गई।

सेना का भी आया जवाब
अग्निवीर गावटे अक्षय लक्ष्मण ने सियाचिन में कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। दुःख की इस घड़ी में भारतीयसेना शोक संतप्त परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। मृतक के परिजनों को वित्तीय सहायता के संबंध में सोशल मीडिया पर परस्पर विरोधी संदेशों को देखते हुए, यह स्पष्ट करना महत्वपूर्ण है कि परिजनों को मिलने वाली परिलब्धियाँ सैनिक की सेवा के प्रासंगिक नियमों और शर्तों द्वारा शासित होती हैं।

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