दिल्ली सरकार की शिक्षा योजना पर सवाल: 50% बजट खर्च करने में ‘फेल’ रहा शिक्षा विभाग

Indiareporter Live
शेयर करे

इंडिया रिपोर्टर लाइव

नई दिल्ली 07 अप्रैल 2025। दिल्ली की पिछली आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने शिक्षा पर अपने कुल वार्षिक बजट का 25 फीसदी खर्च करने का दावा किया था लेकिन शिक्षा निदेशालय पिछले वर्ष सामान्य शिक्षा के लिए आवंटित बजट का 50 फीसदी पैसा भी खर्च कर पाने में नाकाम रहा। सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत दायर एक आवेदन में यह जानकारी सामने आई है। शिक्षा निदेशालय मुख्यत: तीन मदों -सामान्य शिक्षा, दिल्ली नगर निगम के तहत आने वाले विद्यालयों और खेलों पर खर्च करता है। आरटीआई से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, दिल्ली सरकार ने 2024-25 में शिक्षा निदेशालय के लिए अनुमानित बजट के रूप में कुल 4335.08 करोड़ रुपये आवंटित किये थे, जिसे बढ़ाकर 4836.41 करोड़ रुपये कर दिया गया लेकिन विभाग इसमें से सिर्फ 2818.23 करोड़ रूपये ही खर्च कर पाया। आरटीआई से प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिक्षा निदेशालय को 2024-25 में सामान्य शिक्षा के लिए 2703.12 करोड़ रुपये का बजट प्राप्त हुआ लेकिन इसमें से वह सिर्फ 1267.87 करोड़ रुपये ही खर्च कर सका जो 50 फीसदी से भी कम है। आरटीआई से मिली जानकारी के मुताबिक दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के विद्यालयों के लिए प्राप्त 2085.01 करोड़ रुपये के बजटीय आवंटन में से शिक्षा विभाग ने जरूर 1523.33 करोड़ रुपये खर्च किये। स्कूली विद्यार्थियों को खेल के लिए संसाधन मुहैया कराने वाले बजट का भी विभाग पूरा इस्तेमाल करने में विफल साबित हुआ। शिक्षा निदेशालय को खेल के लिए 48.28 करोड़ रुपये आवंटित किये गए थे लेकिन खर्च सिर्फ 18.02 करोड़ रुपये किये गये।

 शिक्षा निदेशक से जब इस संबंध में जानकारी प्राप्त करने के लिए संपर्क किया गया तो उन्होंने इस मुद्दे पर मिलने से इनकार कर दिया। ‘ऑल इंडिया पेरेंट्स एसोसिएशन’ के अध्यक्ष एवं दिल्ली उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक अग्रवाल ने कहा कि सामान्य शिक्षा पर बजट का 50 फीसदी पैसा खर्च न कर पाना शिक्षा विभाग के ‘निक्कमेपन’ को दर्शाता है। उन्होंने बताया, “दिल्ली के सरकारी विद्यालयों में करीबन 17 लाख बच्चे पढ़ते हैं और ज्यादातर बच्चे गरीब तबके से आते हैं। सामान्य शिक्षा पर बजट का आधा पैसा भी खर्च न कर पाना कहीं न कहीं इन स्कूली बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन है।” गैर सरकारी संगठन ‘लोकतान्त्रिक अध्यापक मंच’ की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष कृष्ण कुमार फौगाट ने कहा, “ज्यादातर चीजें हवा हवाई ही रहीं और धरातल पर कुछ काम नहीं हुआ। 

आरटीआई से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, 2014 से 2019 तक दिल्ली सरकार ने शिक्षा निदेशालय को 13,425.64 करोड़ रुपये आवंटित किये, जिसमें से विभाग ने 11892.23 करोड़ रुपये खर्च किये थे। इसी प्रकार दिल्ली सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल में 2019 से 2024 तक शिक्षा निदेशालय को 24,349.18 करोड़ रुपये आवंटित किये और विभाग 20,762.39 करोड़ रुपये खर्च करने में सफल रहा। आरटीआई से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, शिक्षा निदेशालय शहर के सरकारी विद्यालयों में मुफ्त पुस्तकों से लेकर स्कूल की वर्दी, कंप्यूटर लैब, शिक्षकों को पुरस्कार, विद्यालयों में पुस्तकालय के लिए पुस्तकें खरीदने जैसी 79 मदों पर पैसा खर्च करता है।

Leave a Reply

Next Post

सीएम रेखा गुप्ता ने बंद की केजरीवाल सरकार की एक ‘फ्री’ सुविधा, लोगों ने जताया रोष

शेयर करे इंडिया रिपोर्टर लाइव नई दिल्ली 07 अप्रैल 2025। दिल्ली में बीजेपी की सरकार बनने के बाद से ही यह सवाल उठने लगा था कि क्या आम आदमी पार्टी (AAP) द्वारा शुरू की गई मुफ्त योजनाएं जारी रहेंगी या बंद कर दी जाएंगी। चुनाव प्रचार के दौरान बीजेपी ने […]

You May Like

मायावती ने मस्जिदों के ध्वस्तीकरण पर उठाए सवाल, बोलीं-सरकार तुरंत रोके अभियान....|....दर्द का इलाज कराने गई महिला की 15 दिन बाद मौत....|....ब्यौहारी में गौशाला की मांग पर बवाल....|....जन्मअष्टमी पर बांके बिहारी मंदिर के डिस्प्ले बोर्ड पर दिखी ऊर्दू की आयतें, हिन्दू संगठनों की आपत्ति....|....पानी का पाउच उधार नहीं दिया तो भड़का युवक....|....लंदन स्क्वैश क्लासिक: क्वार्टर फाइनल में हारकर बाहर हुईं अनाहत सिंह....|....सोने में तेजी का दौर अभी नहीं थमेगा....|....अर्जुन रामपाल: अभिनेता ने 'ओ साथी रे' को लेकर दी अपडेट....|....अवैध प्रवासियों को डिपोर्ट करेंगे यूरोपीय देश....|....सैन्य परिसर के अंदर जोरदार विस्फोट, 10 की मौत, 60 से ज्यादा घायल