तीन साल पहले जंगल से गायब हुआ था CRPF जवान; पत्नी बोली- या तो पति को खोजो या शहीद घोषित करो

शेयर करे

इंडिया रिपोर्टर लाइव

रांची 27 मई 2026। झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले में तीन साल से लापता सीआरपीएफ जवान के परिवार ने अब मामले की सीबीआई जांच की मांग उठाई है। परिवार का कहना है कि सरकार या तो जवान को खोजे या फिर उसे शहीद घोषित करे।

माओवादियों द्वारा अपहरण की आशंका
सीआरपीएफ की 197वीं बटालियन में तैनात कांस्टेबल बादल मुर्मू 6 जनवरी 2023 को झारखंड के सारंडा जंगल स्थित किरीबुरु बेस कैंप से रहस्यमय तरीके से लापता हो गए थे। परिवार को आशंका है कि उनका माओवादियों ने अपहरण कर लिया होगा।

तीन साल से न्याय की आस में परिवार
बादल मुर्मू की पत्नी झानो मुर्मू ने कहा कि पिछले तीन वर्षों से परिवार “सरकारी चुप्पी” से परेशान है। उन्होंने बताया कि उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, डीजीपी, डीआईजी समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखकर सीबीआई जांच की मांग की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

13 हजार की पेंशन में गुजर-बसर मुश्किल
झानो मुर्मू ने बताया कि परिवार फिलहाल सीआरपीएफ से मिलने वाली 13 हजार रुपये मासिक पेंशन पर निर्भर है, जिससे उनका और उनके छह वर्षीय बेटे का पालन-पोषण मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कहा कि बेटे को प्राइवेट रेजिडेंशियल स्कूल में पढ़ा रही हैं और नहीं चाहतीं कि पिता की गैरमौजूदगी का असर उसकी पढ़ाई पर पड़े।

शहीद का दर्जा और मुआवजे की मांग
उन्होंने कहा, ‘मेरे पति ड्यूटी के दौरान लापता हुए थे। अगर उन्होंने देश के लिए जान कुर्बान की है तो हमारे परिवार को शहीद जवानों के परिवारों की तरह मुआवजा, अन्य सुविधाएं और अनुकंपा नियुक्ति मिलनी चाहिए।’

आखिरी कॉल में कहा था- मकर संक्रांति पर लौटूंगा
परिवार के मुताबिक, बादल मुर्मू ने 5 जनवरी 2023 को पत्नी से आखिरी बार बात की थी। उन्होंने बताया था कि वे जंगल में एक ऑपरेशन पर जा रहे हैं और मकर संक्रांति पर छुट्टी लेकर घर लौटेंगे।

भाई ने CRPF पर लगाए गंभीर आरोप
बादल मुर्मू के बड़े भाई मंगोविंद मुर्मू, जो स्वयं बीएसएफ जवान हैं, ने आरोप लगाया कि सीआरपीएफ अधिकारियों ने बाद में उन्हें “भगोड़ा” घोषित कर दिया और सिर्फ गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर अपने हाथ झाड़ लिए। उन्होंने दावा किया कि सारंडा इलाके के कुछ ग्रामीणों ने परिवार को बताया था कि बादल को पहले माओवादी समूहों के साथ देखा गया था।

बहादुरी के लिए मिल चुका है सम्मान
झानो मुर्मू ने बताया कि उनके पति 2011 से सीआरपीएफ में सेवा दे रहे थे और कई नक्सल विरोधी अभियानों में शामिल रहे। वर्ष 2016 में छत्तीसगढ़ में पोस्टिंग के दौरान नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में वे घायल हुए थे, जिसके बाद उन्हें बहादुरी के लिए राष्ट्रपति सम्मान भी मिला था।

Leave a Reply

Next Post

रामगढ़ में साजिश नाकाम! कुख्यात राहुल दुबे गैंग के छह बदमाश गिरफ्तार, हथियार-कारतूस का जखीरा बरामद

शेयर करे इंडिया रिपोर्टर लाइव रांची 27 मई 2026। झारखंड के रामगढ़ जिले में सक्रिय संगठित अपराध पर बड़ी कार्रवाई करते हुए रामगढ़ पुलिस ने कुख्यात राहुल दुबे गिरोह के सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक रामगढ़ के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पतरातु के नेतृत्व में गठित […]

You May Like

मरवाही में चार हाथियों का उत्पात, फार्म हाउस और खेतों को पहुंचाया भारी नुकसान....|....मोदी सबसे लंबे कार्यकाल वाले पीएम: दिल्ली सीएम से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद तक पहुंचे मंदिर; पूजा की....|....होर्मुज से जॉर्डन तक बढ़ा युद्ध का खतरा: ईरान ने अमेरिकी ठिकाने पर दागीं मिसाइलें, पश्चिम एशिया में हाई अलर्ट....|....जोहानिसबर्ग के क्लीवलैंड में गोलीबारी, 12 लोगों की मौत और नौ घायल; मृतकों का बढ़ सकता है आंकड़ा....|....मीनाक्षी नटराजन मामले में आज चुनाव आयोग पहुंचेंगे कांग्रेस नेता, अहम मुलाकात....|....जंग के बीच अब पानी पर निशाना: ईरान के सिरिक में अमेरिकी बमबारी के बाद जलापूर्ति ठप, संकट और गहराने की आशंका....|....तृणमूल एमपी सुष्मिता देव ने दिया इस्तीफा, असम से राज्यसभा सांसद थीं ममता की पूर्व सहयोगी....|....सुशासन तिहार में मिले 37 लाख से अधिक आवेदनों का निराकरण करने का दावा खोखला - दीपक बैज....|....किशोर चंन्द्र पात्र बने एनटीपीसी कोरबा के कार्यकारी निदेशक....|....ईशा देओल की ‘घूंघट’ से खुलेगा डर का नया राज़