
इंडिया रिपोर्टर लाइव
रायपुर, 30 जुलाई 2026। गढ़चिरौली में भाजपा नेता द्वारा नक्सली बैनर लगाये जाने का मामला उजागर होने पर सरकार से सवाल करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि देशभर में नक्सल खात्मे का श्रेय लेते हुए डबल इंजन की सरकार बड़े बड़े इवेंट आयोजित कर रही है, नक्सल हिंसा से पीड़ित परिवारों के ज़ख्मों की नुमाइश कर रही है, समर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के दावे कर रही है दूसरी ओर भाजपा नेता शिवा मिस्त्री जैसे नक्सली सहयोगीयों के षडयंत्र उजागर हो रहे हैं। कोयलीबेड़ा जनपत पंचायत क्षेत्र क्रमांक 24, इरपानार के भाजपा समर्थित जनपद सदस्य नक्सलियों के नाम पर ग्रामीणों को डरा धमका कर टेरर फंडिंग वसूल करता था, खनन कंपनियों, पोकलेन मशीन संचालकों, ट्रांसपोर्टरों और ठेकेदारों से वसूली के लिए नक्सलियों के बैनर लगा कर दशहत फैलाने का षडयंत्र उजागर हुआ है। आरोपी भाजपा के कांकेर लोकसभा के बांदे मंडल का नेता है, भाजपा विधायक विक्रम देव उसेंडी और सांसद भोजराज नाग के साथ अनेकों तस्वीरें हैं, सरकार जवाब दे कि सच्चाई क्या है और किन किन भाजपाइयों की संलिप्तता है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि यह पहली घटना नहीं है, पहले भी पांच लोगों को राजनांदगांव पुलिस ने तेंदुपत्ता ठेकेदार से नक्सलियों के लेवी वसूली के आरोप में गिरफ्तार किया था, उसी ठेकेदार सुधीर कुमार माणिक ने पूर्व मंत्री महेश गागड़ा के रिश्तेदार पेखन गागड़ा के खाता क्रमांक 11521261288 में लगभग 91 लाख डाला था। जिसे विधायक विक्रम मंडावी ने प्रेसवार्ता कर 29/03/2023 को आरोप लगाया था।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि पुलिस भाजपा नेता पूर्व मंत्री महेश गागड़ा के रिश्तेदार को बचाने के लिए लेवी वसूलीकर्ता पेखन गागड़ा को गिरफ्तार नहीं किया, इस संबंध में पूर्व मुख्यमंत्री और एआईसीसी महासचिव भूपेश बघेल ने 13 अगस्त 2024 को पत्रकार वार्ता करके प्रमाण प्रस्तुत किए। 29 मार्च, 2023 को बीजापुर के कांग्रेस विधायक विक्रम मंडावी जी ने प्रेसवार्ता लेकर इसी मामले में सबूत सहित आरोप लगाए थे कि पूर्व मंत्री महेश गागड़ा और भाजपा के ज़िला उपाध्यक्ष लवकुमार रायडू ने दबाव डालकर ठेकेदार से 91 लाख रुपए अपने रिश्तेदार पेखन गागड़ा के खाते में जमा करवाए। नक्सल मामले में किसी को नहीं बख्शा जाना चाहिए, न अभी गिरफ़्तार किए गए शिवा मिस्त्री को और न पेखन गागड़ा को और लव कुमार रायडू को। यह। बेहद गंभीर मामला प्रशासन की कार्यवाही पारदर्शिता पूर्वक होनी चाहिए।


