
इंडिया रिपोर्टर लाइव
रायपुर, 30 जुलाई 2026। शिक्षकों की हाजिरी के लिए ऑनलाइन एप वी.एस.के. एप में हाजिरी को अनिवार्य किये जाने को प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने सरकार की तानाशाही बताया है। प्रदेश के दूरस्थ इलाकों में नेटवर्क की समस्या है ऐसे में एप में हाजिरी अनिवार्य करने से बड़ी परेशानी आयेगी। सरकार ने जमीनी हकीकत को नजरअंदाज करके एप में हाजिरी अनिवार्य किया है। जिस एप में हाजिरी लगाने की अनिवार्य किया है वह वी.एस.के.. एप खुद ही तकनीकी खामियों से जूझ रहा है, जब आपका सिस्टम ही खराब है फिर उस खराब सिस्टम के आधार पर हाजिरी की अनिवार्यता कैसे कर सकते है? ऊपर से इस एप में जिसकी हाजिरी नहीं लगेगी उनका वेतन काटा जायेगा, यह तो शिक्षकों के साथ अन्याय है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि वी.एस.के. एप तकनीकी रूप से अभी पूरी तरह सक्षम नहीं है। ऐसे में केवल एप में दर्ज उपस्थिति को अंतिम आधार बनाना हजारों शिक्षकों के लिए परेशानी खड़ी कर सकता है। समय पर चेक इन, चेक आउट नहीं होना, लोकेशन की समस्या, सर्वर डाउन रहना और इंटरनेट की दिक्कतों के कारण नियमित रूप से सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक उपस्थिति दर्ज नहीं हो पा रही है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि सरकार सभी प्रयोग शिक्षकों पर ही क्यों करती है? अन्य विभागों में भी थंब इंप्रेशन अन्य एप हाजिरी की अनिवार्यता क्यों नहीं की गयी है? क्या सरकार सभी सरकारी विभागों में यह करने जा रही है या शिक्षा विभाग में ही इसे लागू किया जायेगा?
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा सरकार अपने सारे जरूरी कार्य, सर्वे, आदि शिक्षकों से करवाती है। यहां तक कि कुत्तों, आवारा पशुओं की निगरानी तक की जिम्मेदारी शिक्षकों पर डाली जाती है लेकिन शिक्षकों की कर्मठता और उनकी ईमानदारी पर भी सरकार को शंका रहती है।


