भोटेकोशी नदी में फिर बढ़ रहा जलस्तर

इंडिया रिपोर्टर लाइव
काठमांडो, 30 अगस्त 2026। नेपाल में विनाशकारी बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। अब तक 724 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 275 से अधिक भारतीय लापता हैं। 108 भारतीयों को बचाया जा चुका है और चीन में मौजूद करीब 900 भारतीय सुरक्षित हैं। भारत ने राहत सामग्री, बचाव दल और पुल निर्माण का सामान नेपाल भेजा है।
अमेरिका ने नेपाल को दी 36 लाख अमेरिकी डॉलर से अधिक की मानवीय सहायता
काठमांडो स्थित अमेरिकी दूतावास ने रविवार को बताया कि अमेरिका ने नेपाल में विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित लोगों को 36 लाख अमेरिकी डॉलर से अधिक की मानवीय सहायता प्रदान की है, जिसमें 10,000 परिवारों के लिए आपातकालीन खाद्य सहायता भी शामिल है। अमेरिकी दूतावास ने कहा कि वह नेपाल सरकार और मानवीय संगठनों के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहा है कि बुधवार को हिमालयी देश में आई विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित लोगों तक सहायता पहुंचे, जिसमें सैकड़ों लोगों की जान चली गई और हजारों लोग लापता हो गए। दूतावास ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा से बढ़कर हमारे लिए कोई प्राथमिकता नहीं है। नेपाल और चीन में स्थित हमारे दूतावास अमेरिकियों की सहायता करने और आपदा राहत प्रयासों में सहयोग देने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।”
तिब्बत में 23 देशों के 261 विदेशी लापता, मृतकों की संख्या 16 तक पहुंची
चीन ने कहा है कि हिमालयी क्षेत्र में हुए भूस्खलन के बाद नेपाल से सटी सीमा चौकी के तिब्बती हिस्से में 23 देशों के 261 विदेशी नागरिक लापता हैं। चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के अधिकारियों ने बताया कि तिब्बत में मृतकों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है। नेपाल में लापता विदेशी नागरिकों की संख्या सबसे अधिक 104 है, उसके बाद 49 भारतीय, 33 लातवियाई, 18 अमेरिकी और 15 ब्रिटिश नागरिक हैं। चीनी अधिकारियों ने बताया कि बीजिंग स्थित अधिकारियों ने संबंधित विदेशी दूतावासों को सूचित कर दिया है।
23 देशों के 261 विदेशी नागरिक लापता
- नेपाल से 104
- भारत से 49
- लातविया से 33
- अमेरिका से 18
- यूनाइटेड किंगडम से 15
- कनाडा और ऑस्ट्रेलिया से 6-6
- दक्षिण अफ्रीका से 4
- रूस, मलयेशिया और जर्मनी से 3-3
- नीदरलैंड, न्यूजीलैंड, एस्टोनिया, फ्रांस और आयरलैंड से 2-2
- फिनलैंड, लिथुआनिया, पुर्तगाल, यूक्रेन, स्पेन, हंगरी और कजाकिस्तान से 1-1
भारत से नेपाल पहुंची फोरेंसिक टीम, भारतीय राजदूत ने की मुलाकात
नेपाल में भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने भारत से आई फोरेंसिक टीम से मुलाकात की। यह टीम शवों की पहचान के लिए डीएनए नमूनों का विश्लेषण करने में नेपाली अधिकारियों की सहायता करेगी।
तमिलनाडु के लापता हुए 319 लोगों में से 219 कल पहुंचेंगे तमिलनाडु, 100 अभी भी लापता
तमिलनाडु के मंत्री राजमोहन ने बताया कि नेपाल में फंसे तमिलनाडु के 319 लोगों में से 219 को बचा लिया गया है और ये सभी 219 लोग 31 अगस्त तक तमिलनाडु पहुंच जाएंगे। उन्होंने कहा, “पिछले तीन दिनों से मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय के निर्देशों पर हम दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं और नेपाल में फंसे तमिलों को बचाने के लिए विभिन्न प्रयास कर रहे हैं। फिलहाल, अनिवासी तमिल कल्याण विभाग के मंत्री थेन्नारासु दिल्ली में हैं और बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। तमिलनाडु के कुल 319 लोग विभिन्न समूहों के माध्यम से नेपाल गए थे। इनमें से 219 लोग सुरक्षित हैं। वे 31 अगस्त की रात तक चेन्नई पहुंच जाएंगे। शेष 100 लोगों का अभी तक पता नहीं चल पाया है और वे फिलहाल लापता माने जा रहे हैं। यह एक अंतरराष्ट्रीय स्तर की आपदा है। इस घटना में सभी को मिलकर काम करना होगा। हमारा एकमात्र उद्देश्य प्रभावित लोगों को बचाना है।”
नेपाल में बाढ़ के कारण ओडिशा के चार लोग लापता, दो अन्य सुरक्षित भारत लौटे
ओडिशा सरकार ने बताया कि नेपाल में आई भयानक बाढ़ के बाद राज्य के चार लोग लापता हैं, जबकि दो अन्य सुरक्षित भारत पहुंच गए हैं। लापता लोगों की पहचान खुर्दा जिले के संदीप महापात्रा और उनकी पत्नी सिद्धार्थ कुमारी साहू, बरगढ़ जिले की गुन्नम साईं बिंदु कुमारी और उनकी बेटी गुन्नम हरेशखा के तौर पर की गई है। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि महापात्रा और साहू 2018 से ऑस्ट्रेलिया में रह रहे हैं। उन्होंने बताया कि साईं बिंदु कुमारी के पति गुन्नम जय कृष्ण नेपाल में सुरक्षित हैं और उनसे संपर्क करने में मदद के लिए उनकी लोकेशन विदेश मंत्रालय के साथ साझा की गई है। उनके परिवार के अनुसार, जय कृष्ण पिछले छह वर्षों से नेपाल के अपर त्रिशूली में एंडट्रिज हाइड्रोपावर के साथ काम कर रहे हैं। इस बीच, अधिकारियों ने बताया कि मयूरभंज जिले के बारीपदा की कुलसुम निगार और सुंदरगढ़ ज़िले की दीपिका एक्का सुरक्षित रूप से रक्सौल पहुंच गई हैं और भारत में प्रवेश कर चुकी हैं। उन्होंने बताया कि एक कोच हलीम और ओडिशा के छह फ़ुटबॉल खिलाड़ी भी पोखरा में सुरक्षित हैं, जहां राज्य की टीम ने एक फ़ुटबॉल टूर्नामेंट में पहला स्थान हासिल किया था।
भारत से राहत सामग्री लेकर चौथा विमान पहुंचा नेपाल
नेपाल में भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने ट्वीट किया, “भारत से राहत सामग्री से भरी चौथी उड़ान, जिसमें कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, प्लास्टिक शीट और स्वच्छता किट सहित 11 टन सामग्री थी, काठमांडो पहुंच गई है। इस उड़ान में सुरंग खोज और बचाव अभियान के लिए अतिरिक्त तकनीकी दल और उपकरण भी लाए गए हैं।” इस राहत खेप में खोज और बचाव कार्यों के लिए उपकरणों से लैस टनल टेक्निकल टीम और डीएनए जांच के लिए फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम भी शामिल है। इससे पहले विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी दी थी कि भारत की चौथी राहत उड़ान काठमांडो पहुंच गई है। जयशंकर ने बताया कि 230 फुट लंबे सिंगल-लेन मॉड्यूलर स्टील ब्रिज के लिए जरूरी उपकरण लेकर 16 ट्रक नेपाल पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि सात और बेली पुलों की स्थापना के लिए आवश्यक उपकरण भी जल्द भेजे जाएंगे, जबकि इन्हें लगाने वाली तकनीकी टीमें भी जल्द नेपाल पहुंचेंगी।
भारत से मदद मिलने पर क्या बोले नेपाल के वित्त मंत्री?
नेपाल में बाढ़ की स्थिति पर देश के वित्त मंत्री डॉ. स्वर्णिम वागले ने कहा, “हमें भारत से बहुत राहत सामग्री की आपूर्ति मिली है। मुझे लगता है कि राहत सामग्री लेकर तीन विमान पहले ही आ चुके हैं। प्रधानमंत्री मोदी और विदेश मंत्री ने एकजुटता व्यक्त करने और नेपाल को आवश्यक हर तरह की सहायता देने का वादा करने में बहुत सकारात्मक रुख दिखाया है। वे फंसे हुए कुछ भारतीय तीर्थयात्रियों के बारे में भी चिंतित हैं और उनका बचाव भी हमारी प्राथमिकता है।”
सुरक्षित वापस लौटे केरल के 16 लोग, सात अभी भी लापता
केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने जानकारी देते हुए बताया, “कोच्चि से आए 14 सदस्यीय समूह, श्रुति शिखामणि (कक्कनाड) और रिनीत मोहन (पिरावोम) सहित 16 केरलवासी सुरक्षित घर लौट आए हैं। नेपाल और भारत के ट्रांजिट स्थानों पर 45 यात्रियों के सुरक्षित होने की पुष्टि हो चुकी है और उनकी वापसी की व्यवस्था की जा रही है। सात व्यक्तियों से संपर्क करना बाकी है (जिनमें केरल मूल के 4 ऑस्ट्रेलियाई नागरिक शामिल हैं)। उनके बारे में जानकारी विदेश मंत्रालय के साथ सक्रिय रूप से जुटाई जा रही है।”
काठमांडो में फंसे नागपुर के 102 तीर्थयात्री सुरक्षित लौटे घर
नागपुर के 102 तीर्थयात्री, जो नेपाल में अचानक आई बाढ़ के कारण काठमांडो में फंस गए थे, रविवार सुबह महाराष्ट्र के अपने शहर सुरक्षित लौट आए। अधिकारियों ने बताया कि ये 102 तीर्थयात्री, विदर्भ इलाके के चार अन्य लोगों के साथ, 19 अगस्त को पशुपतिनाथ मंदिर और अन्य तीर्थ स्थलों की यात्रा के लिए नेपाल गए थे। वे 27 अगस्त तक काठमांडो में रुके; नेपाल-तिब्बत सीमा पर अचानक आई बाढ़ के एक दिन बाद तक वे वहीं थे। जहां विदर्भ के चार तीर्थयात्री शनिवार को हवाई जहाज से पहुंचे, वहीं बाकी 102 तीर्थयात्री रविवार सुबह करीब 4.30 बजे ट्रेन से नागपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे।


