जमीन पर सोए एथलीट; 35 भारतीय भी परेशान

इंडिया रिपोर्टर लाइव
नागोया, 19 सितंबर 2026। जापान में शनिवार से शुरू हो रहे एशियाई खेलों से पहले ही बदइंतजामी ने आयोजकों की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खर्च बचाने के लिए इस बार एथलीट विलेज नहीं बनाया गया है। खिलाड़ियों के ठहरने की व्यवस्था क्रूज शिप, कंटेनरनुमा अस्थायी कमरों और होटलों में की गई है। लेकिन कमरों के आवंटन से लेकर भोजन और परिवहन तक अव्यवस्था की शिकायतें सामने आ रही हैं। भारत समेत कई देशों के खिलाड़ियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कुछ खिलाड़ियों को कमरे नहीं मिलने पर जमीन पर सोकर रात गुजारनी पड़ी।
14 घंटे तक कमरे का इंतजार
भारतीय रोइंग टीम को नागोया पहुंचने के बाद क्रूज शिप पर कमरे के लिए करीब 14 घंटे तक इंतजार करना पड़ा। कुछ खिलाड़ियों को देर रात कमरा मिला, लेकिन उन्हें कमरा आपस में साझा करने के लिए कहा गया। खिलाड़ियों को पानी तो उपलब्ध कराया गया, लेकिन खाना नहीं मिला। ऐसे में कई खिलाड़ियों ने भारत से साथ लाया खाना खाकर अपनी भूख मिटाई।
दूसरे देशों के खिलाड़ी भी परेशान
कमरों की कमी और आवास की अव्यवस्था का असर सिर्फ भारतीय दल तक सीमित नहीं रहा। वियतनाम, चीन, कोरिया और थाईलैंड के कई खिलाड़ियों को भी उचित अस्थायी व्यवस्था नहीं मिलने के कारण फर्श पर सोकर रात गुजारनी पड़ी।
भारत ने मदद के लिए बनाया नेटवर्क
खिलाड़ियों की आवास संबंधी परेशानियों को देखते हुए खेल मंत्रालय ने नागोया में रह रहे करीब 2,000 भारतीयों का नेटवर्क तैयार किया है। खिलाड़ियों की सहायता के लिए एयरपोर्ट पर दो प्रतिनिधियों को तैनात किया गया है। वहीं, आवास से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए तीन अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है।
35 भारतीय खिलाड़ियों को हुई परेशानी
भारत के करीब 35 खिलाड़ियों को आवास संबंधी परेशानी का सामना करना पड़ा है। उनके लिए होटलों में 18 अतिरिक्त कमरे बुक किए गए हैं। इसके अलावा 10 और कमरे लेने की योजना है।


