
इंडिया रिपोर्टर लाइव
कोलकाता 19 फरवरी 2023। पश्चिम बंगाल में सरकारी कर्मचारियों और सरकार के बीच महंगाई भत्ते को लेकर खींचतान बढ़ गई है। कर्मचारियों के एक मंच ने उनके महंगाई भत्ते (डीए) में अल्प वृद्धि के विरोध में दो दिनों के लिए काम बंद करने का आह्वान किया है। इस बीच पश्चिम बंगाल सरकार ने शनिवार को कहा कि 20 और 21 फरवरी को किसी भी कर्मचारी को आकस्मिक या कोई अन्य अवकाश नहीं दिया जाएगा। दरअसल, राज्य सरकार के कर्मचारियों के एक मंच ने गुरुवार (16 फरवरी) को डीए में अल्प वृद्धि के विरोध में 20 और 21 फरवरी को दो दिवसीय काम बंद करने का आह्वान किया था। राज्य सरकार के 18 कर्मचारी संघों वाले ‘संग्रामी जुठो मंच’ ने काम बंद करने का आह्वान किया है और डीए को पर्याप्त रूप से बढ़ाए जाने और केंद्र और राज्य के डीए के बीच की खाई को पाटने तक आंदोलन के रास्ते से नहीं हटने का संकल्प लिया है।शनिवार को जारी एक सरकारी अधिसूचना में कहा गया है कि यह निर्णय लिया गया है कि अनुपस्थिति के लिए दिन के पहले पहर में या दूसरे पहर में या पूरे दिन के लिए कोई आकस्मिक अवकाश नहीं दिया जाएगा और न ही इन तारीखों पर किसी कर्मचारी को कोई अन्य अवकाश दिया जाएगा। जो कर्मचारी 17 फरवरी को छुट्टी पर थे, उन्हें 20 फरवरी को ड्यूटी पर आना होगा। अधिसूचना में कहा गया है कि कार्यालयों में शैक्षिक संस्थानों सहित राज्य अनुदान प्राप्त करने वाले सभी संस्थान शामिल होंगे। अधिसूचना में कहा गया है कि कर्मचारियों के अस्पताल में भर्ती होने, परिवार में शोक, गंभीर बीमारी और 17 फरवरी से पहले छुट्टी पर रहने और चाइल्ड केयर लीव, मैटरनिटी लीव, मेडिकल लीव और 17 फरवरी, 2023 से पहले स्वीकृत अर्जित अवकाश के मामलों में यह लागू नहीं होगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज पंत द्वारा हस्ताक्षरित नोटिस में कहा गया है कि यदि कोई कर्मचारी इन दो दिनों में से किसी भी दिन कार्यालय में उपस्थित नहीं होता है और उसका अवकाश आवेदन उपरोक्त आधार पर स्वीकृत नहीं होता है, तो उसके खिलाफ कारण बताओ नोटिस के साथ-साथ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने 15 फरवरी को बजट पेश करते हुए सरकारी कर्मचारियों और अन्य के लिए अतिरिक्त तीन प्रतिशत डीए की घोषणा की थी जबकि कर्मचारी केंद्र के बराबर डीए दिए जाने की मांग कर रहे हैं। राज्य सरकार के आंदोलनकारी कर्मचारियों के मंच ने कहा कि जहां केंद्र सरकार के कर्मचारियों को उनके मूल वेतन का 38 प्रतिशत डीए मिलता है, वहीं उनके राज्य के समकक्षों को तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी के बाद उनके मूल वेतन का छह प्रतिशत डीए मिलेगा।
कर्मचारियों की डीए संबंधी मांग पर ममता ने कहा, मैं कोई जादूगर नहीं
कर्मचारियों की डीए में बढ़ोतरी की मांग को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को कहा था कि वह कोई जादूगर नहीं हैं जो सभी इच्छाओं को पूरा कर दें। ममता ने जोर दिया कि उनकी सरकार सभी की जरूरतों के बीच संतुलन के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा, मैं कोई जादूगर नहीं हूं कि पैसा आसमान से नीचे आ जाएगा, जैसा कि ‘गूपी गाइन बाघा बाइन’ (फिल्म) में हुआ था… पैसा एकत्र करना होगा।
मुख्यमंत्री 1969 में प्रदर्शित हुई सत्यजीत रे की फंतासी फिल्म ‘गूपी गाइन बाघा बाइन’ का जिक्र कर रही थीं जिसमें आसमान से मिठाइयां आती थीं। ममता ने बांकुड़ा जिले में सरकारी सेवाओं से जुड़े एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र द्वारा पैसे नहीं दिए जाने के बावजूद हमने तीन प्रतिशत डीए दिया है।


