पीएम मोदी वास्तव में ‘एक सरकार, एक कारोबारी समूह’ में विश्वास करते हैं, जी20 थीम पर कांग्रेस का निशाना

Indiareporter Live
शेयर करे

इंडिया रिपोर्टर लाइव

नई दिल्ली 09 सितम्बर 2023। कांग्रेस ने शनिवार को अडाणी समूह से जुड़े मुद्दे को लेकर शनिवार को सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जी20 की थीम भले ही ‘एक पृथ्वी-एक कुटुम्ब, एक भविष्य’ हो, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वास्तव में ‘एक व्यक्ति, एक सरकार, एक कारोबारी समूह’ में विश्वास करते हैं। अमेरिकी कंपनी ‘हिंडनबर्ग रिसर्च’ द्वारा अडाणी समूह के खिलाफ ‘अनियमितताओं’ और स्टॉक मूल्य में हेरफेर का आरोप लगए जाने के बाद से कांग्रेस इस कारोबारी समूह पर निरंतर हमले और संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच की मांग कर रही है। अडाणी समूह ने हिंडनबर्ग की रिपोर्ट में लगाए गए सभी आरोपों से इनकार किया था और उसका कहना था कि उसकी ओर से कोई गलत काम नहीं किया गया है।

जयराम रमेश का बयान 
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक बयान में कहा, ‘‘जी20 देशों की 2023 की शिखर बैठक नई दिल्ली में हो रही है, ऐसे में अंतराष्ट्रीय समुदाय के लिए यह उचित है कि वह भ्रष्टाचार और धनशोधन पर नकेल कसने को लेकर पिछले जी20 शिखर सम्मेलनों में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा दिए गए बयानों को याद करे।” उनके अनुसार, 2014 की ब्रिस्बेन जी20 बैठक में प्रधानमंत्री ने “आर्थिक अपराधियों के लिए सुरक्षित पनाहगाहों को खत्म करने”, “धनशोधन करने वालों का पता लगाने और बिना शर्त प्रत्यर्पण करने” और “जटिल अंतरराष्ट्रीय नियमों और अत्यधिक बैंकिंग गोपनीयता के जाल को तोड़ने” के लिए वैश्विक सहयोग का आह्वान किया था।

अडानी को लेकर बोला हमला 
2018 में ब्यूनस आयर्स जी20 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री ने “भगोड़े आर्थिक अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई और संपत्ति की वसूली के लिए” नौ सूत्री एजेंडा भी प्रस्तुत किया था। उन्होंने दावा किया, ‘‘प्रधानमंत्री ने बंदरगाहों, हवाई अड्डों, बिजली और सड़कों जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपने करीबी दोस्त अडाणी के लिए न केवल ‘मोदी मेड मोनोपॉली'(3एम-मोदी-निर्मित एकाधिकार) स्थापित करने की सुविधा प्रदान की, बल्कि उन्होंने सभी जांचों को व्यवस्थित रूप से अवरुद्ध कर दिया है। उन्होंने सेबी, सीबीआई, ईडी, राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) और गंभीर कपट अन्वेषण कार्यालय (एसएफआईओ) जैसी विभिन्न एजेंसियों द्वारा अडाणी के गलत कामों की जांच को व्यवस्थित ढंग से अवरुद्ध किया।

एक कारोबारी समूह में विश्वास करते है पीएम
रमेश ने आरोप लगाया कि यह तथ्य इस बात को सुनिश्चित करता है कि ‘‘टैक्स हेवन” प्रधानमंत्री के करीबी दोस्तों के लिए सुरक्षित हैं और उन्हें अत्यधिक बैंकिंग गोपनीयता और जटिल अंतरराष्ट्रीय नियमों के जरिये संरक्षण भी मिलता है। उन्होंने कहा, ‘‘जी20 का नारा है ‘एक पृथ्वी-एक कुटुम्ब, एक भविष्य।’ लेकिन प्रधानमंत्री वास्तव में ‘एक व्यक्ति, एक सरकार, एक कारोबारी समूह’ में विश्वास करते हैं।” कांग्रेस समेत विभिन्न विपक्षी दल पिछले कई महीनों से अडाणी समूह से जुड़े मामले में संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से कराने की मांग कर रहे हैं। 

Leave a Reply

Next Post

जी20: ‘उम्मीद है अब आएंगे रूसी और चीनी राष्ट्रपति’, जी-20 की कमान मिलने पर बोले ब्राजील के राष्ट्रपति सिल्वा

शेयर करे इंडिया रिपोर्टर लाइव नई दिल्ली 11 सितम्बर 2023। भारत के बाद अब ब्राजील को जी-20 समूह की अध्यक्षता सौंपी गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डी सिल्वा को जी-20 समूह की अध्यक्षता सौंप दी। अध्यक्षता मिलने के बाद सिल्वा ने […]

You May Like

रूस ने भारत को दिया Su-57 का ऑफर: राष्ट्रपति पुतिन बोले- मिलकर करेंगे काम, कोई नहीं रोक सकता....|....बंगाल में एनआईए का बड़ा एक्शन, बम विस्फोट मामले में टीएमसी का पूर्व विधायक गिरफ्तार....|....झांसी के होटल में खूनी खेल: पुरानी रंजिश में चाचा-भतीजे पर धारदार हथियार से हमला, एक की मौत... दूसरा गंभीर....|....ईरान-अमेरिका के बीच मिसाइल हमलों का कम्पीटीशनः  IRGC बोला- दुश्मन के कई ठिकाने उड़ाए, यूएस ने भी.......|....टोरंटो में भारतीय उत्सव से दुनिया में छिड़ा विवाद, "कनाडा पर इंडिया का कब्जा..." टिप्पणी से मचा बवाल....|....मोरबी में दर्दनाक सड़क हादसा: आप नेता समेत पांच लोगों की मौत, दो की हालत गंभीर; कार के उड़े परखच्चे....|....पीओके में तैनात किए जाएंगे 14 हजार अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी, लोगों में बढ़ी चिंता....|....युद्धविराम के बीच फिर भड़का तनाव, हिजबुल्ला ने इस्राइली लड़ाकू विमानों पर दागीं मिसाइलें....|....'परमाणु हथियार बनाने की स्थिति में नहीं तेहरान': ट्रंप का बड़ा दावा- लगभग खत्म हो चुकी है ईरान की मिसाइल ताकत....|....यूएन में पाकिस्तान ने फिर अलापा कश्मीर का राग; भारत ने लगाई कड़ी फटकार, बोला- ये झूठ फैलाने का मंच नहीं