
इंडिया रिपोर्टर लाइव
नई दिल्ली 01 सितंबर 2025। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के वार्षिक शिखर सम्मेलन में कहा कि पहलगाम में हुआ भयावह आतंकवादी हमला न केवल भारत के लिए एक झटका है, बल्कि मानवता में विश्वास रखने वाले हर देश के लिए एक खुली चुनौती है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मौजूदगी में पीएम मोदी ने यह भी कहा कि एससीओ को आतंकवाद पर दोहरे मानदंडों को स्पष्ट रूप से और सर्वसम्मति से खारिज करना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘यह मानवता के प्रति हमारा कर्तव्य है।’ पाकिस्तान का नाम लिए बिना पीएम मोदी ने कहा कि यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या कुछ देशों की ओर से आतंकवाद का खुला समर्थन हमें स्वीकार्य हो सकता है?’ प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत पिछले चार दशकों से आतंकवाद का दंश झेल रहा है। कई माताओं ने अपने बच्चों को खो दिया और कई बच्चे अनाथ हो गए। हाल ही में हमने पहलगाम में आतंकवाद का एक बेहद घिनौना रूप देखा।
उन्होंने कहा, ‘यह हमला न केवल भारत की अंतरात्मा पर आघात था, बल्कि यह हर उस देश, हर उस व्यक्ति के लिए एक खुली चुनौती थी, जो मानवता में विश्वास रखता है।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि आतंकवाद से निपटने के लिए एससीओ को एकजुट होकर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें स्पष्ट रूप से और सर्वसम्मति से कहना होगा कि आतंकवाद पर कोई भी दोहरा मापदंड स्वीकार्य नहीं होगा। हमें आतंकवाद के सभी रूपों और रंगों का मिलकर विरोध करना चाहिए। पीएम मोदी ने पहलगाम हमले के बाद भारत के साथ खड़े होने वाले मित्र देशों के प्रति भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद किसी भी राष्ट्र की शांति, समृद्धि और स्थिरता के लिए बड़ी चुनौतियां हैं। उन्होंने कहा कि एससीओ का क्षेत्रीय आतंकवाद-रोधी ढांचा आतंकवाद से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
पीएम मोदी ने कहा कि आतंकवाद, अलगाववाद और अतिवाद बड़ी चुनौतियां हैं। आतंकवाद पूरी मानवता के लिए साझा चुनौती है। कोई देश, कोई समाज अपने आप को इससे सुरक्षित नहीं समझ सकता, इसलिए आतंकवाद से लड़ाई में भारत ने एकजुटता पर बल दिया है। इसमें SCO ने भी बड़ी भूमिका निभाई है।


