
इंडिया रिपोर्टर लाइव
नई दिल्ली 27 सितंबर 2025। नवरात्र के पावन पर्व पर जब पूरे देश में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा हो रही है, उसी समय भारत-म्यांमार अंतरराष्ट्रीय सीमा पर असम राइफल्स की बहादुर राइफल वूमन भी शक्ति, साहस और देशभक्ति के साथ देश रक्षा के लिए डटी हैं। कठिन परिस्थितियों, जंगलों और पहाड़ी रास्तों से घिरे इस इलाके में ये चौबीसों घंटे चौकस रहती हैं।
पलक झपकते ही दुश्मनों पर टूट पड़ती हैं और तस्करों को धूल चटा देती हैं। देश की राजधानी दिल्ली से लगभग 2600 किलोमीटर दूर और मिजोरम की राजधानी आइज़ोल से करीब 190 किलोमीटर दूर, भारत-म्यांमार बॉर्डर पर तैनात ये वीरांगनाएं उच्च शिक्षा प्राप्त हैं। आरामदायक जीवन चुनने की जगह इन्होंने कठिन परिस्थितियों में वर्दी पहनकर देश की सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। इस इलाके से भारी मात्रा में ड्रग्स की तस्करी होती है, जिसे रोकने में राइफल वूमेन खास भूमिका रहती है। अमर उजाला ने सीमा पर ही इन वीरांगनाओं से बात की तो उन्होंने कहा, देश सेवा सबसे बड़ा धर्म है और इसके लिए कुछ भी कर सकती हैं।


