
इंडिया रिपोर्टर लाइव
नई दिल्ली 21 नवंबर 2025। भारतीय महासागर क्षेत्र की बदलती सुरक्षा चुनौतियों के बीच भारत ने गुरुवार को साफ कहा कि समुद्री क्षेत्र की सुरक्षा केवल किसी एक देश का दायित्व नहीं, बल्कि साझा जिम्मेदारी है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने कोलंबो सिक्योरिटी कॉन्क्लेव (सीएससी) की सातवीं बैठक में स्पष्ट संदेश दिया कि हिंद महासागर की स्थिरता ही क्षेत्र के आर्थिक भविष्य को मजबूती देती है, इसलिए सभी सदस्य देशों को मिलकर कदम बढ़ाने होंगे। नई दिल्ली में आयोजित इस बैठक में डोभाल ने कहा कि सीएससी की ताकत इसके साझा विजन, नियमित परामर्श और समान उद्देश्यों में निहित है। उन्होंने बताया कि सदस्य देश पांच प्रमुख स्तंभों के तहत लगातार क्षमता निर्माण कर रहे हैं। बैठक में मालदीव, मॉरीशस, श्रीलंका और बांग्लादेश के एनएसए स्तर के प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जबकि सेशल्स एक पर्यवेक्षक और मलेशिया पहली बार गेस्ट देश के रूप में शामिल हुआ।
सीएससी की भूमिका और गठन
डोभाल ने कहा कि तेजी से बदलते वैश्विक सुरक्षा माहौल में सीएससी की अहमियत और बढ़ गई है। उन्होंने याद दिलाया कि 2020 में हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा सहयोग बढ़ाने के लिए सदस्य देश पहली बार एक मंच पर आए थे। अगस्त 2024 में श्रीलंका में एनएसए के संस्थापक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए गए। इसका उद्देश्य समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद-निरोध, संगठित अपराध, साइबर सुरक्षा और मानवीय सहायता जैसे क्षेत्रों में संयुक्त प्रयास बढ़ाना है।
सचिवालय और अहम उपलब्धियां
एनएसए ने बताया कि दिसंबर 2023 में मॉरीशस में हुई पिछली बैठक के बाद से सीएससी की गतिविधियों में तेजी आई है। पिछले वर्ष सीएससी चार्टर और सचिवालय के गठन पर समझौते को मंजूरी दी गई थी। भारत द्वारा नियुक्त पहले सचिव जनरल ने इस बैठक में सदस्य देशों को विस्तृत प्रगति रिपोर्ट सौंपी। डोभाल ने सचिवालय के समन्वय को सराहते हुए इसे क्षेत्रीय सहयोग के मजबूत होते ढांचे की बड़ी उपलब्धि बताया।
सहयोग बढ़ाने पर सहमति
बैठक में मालदीव के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार इब्राहिम लतीफ, मॉरीशस के राहुल रसगोत्रा, श्रीलंका के एयर वाइस मार्शल संपथ थुआयकंथा (सेवानिवृत्त) और बांग्लादेश के खलील-उर-रेहमान ने अपने देश का नेतृत्व किया। सेशल्स की ओर से मेजर जनरल माइकल रोजेट शामिल हुए। मलेशिया भी पहली बार हिस्सेदारी करता दिखा। बैठक में प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और पांचों स्तंभों पर गहन सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।
सदस्य देशों ने सीएससी के विजन को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई और सेशल्स को पूर्ण सदस्य के रूप में शामिल किए जाने के निर्णय का स्वागत किया। बैठक में यह दोहराया गया कि हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ते भू-राजनीतिक बदलावों के बीच सीएससी क्षेत्रीय सुरक्षा, संवाद और सहयोग का सबसे मजबूत मंच बनकर उभरा है। डोभाल ने इसे हमारी साझा सुरक्षा के लिए सबसे महत्वपूर्ण संरचना बताया।


