
इंडिया रिपोर्टर लाइव
नई दिल्ली 28 फरवरी 2026। रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि ओडिशा के चांदीपुर तट से तीन ‘वेरी शॉर्ट-रेंज एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम’ का सफल उड़ान परीक्षण किया गया है। बता दें कि, ये परीक्षण ओडिशा के तट पर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज, चांदीपुर से किए गए हैं।
क्या है वीएसएचओआरएडीएस?
वीएसएचओआरएडीएस एक ऐसी मिसाइल है जिसे सैनिक अपने कंधे पर रखकर दाग सकते हैं। इसे खासतौर पर दुश्मन के हेलीकॉप्टर, ड्रोन और कम ऊंचाई पर उड़ रहे फाइटर जेट जैसे हवाई खतरों को नष्ट करने के लिए बनाया गया है। इसे पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से तैयार किया गया है। इसका विकास रिसर्च सेंटर इमारत ने अन्य डीआरडीओ लैब और भारतीय उद्योगों के साथ मिलकर किया है।
परीक्षण में क्या हुआ?
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, तीनों परीक्षण लगातार और सफल रहे। मिसाइल ने तेज रफ्तार से उड़ रहे नकली दुश्मन विमानों को हवा में ही मार गिराया। इस दौरान अलग-अलग गति, दूरी और ऊंचाई पर उड़ रहे लक्ष्यों को निशाना बनाया गया। सैनिकों ने फील्ड में खुद लक्ष्य को पहचाना और मिसाइल दागी। इस दौरान टेलीमेट्री, रडार और इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सिस्टम से डेटा रिकॉर्ड किया गया, जिससे यह साबित हुआ कि मिसाइल हर तरह के हवाई खतरे से निपटने में सक्षम है।
रक्षा मंत्री ने क्या कहा?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डीआरडीओ, सेना और उद्योगों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह बड़ी सफलता है और अब इस सिस्टम को जल्द ही भारतीय सशस्त्र बलों में शामिल किया जा सकता है।
क्यों अहम है यह परीक्षण?
आज के समय में ड्रोन और लो-फ्लाइंग मिसाइलों का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में वीएसएचओआरएडीएस जैसी मिसाइलें सीमा पर तैनात सैनिकों को तुरंत जवाब देने की ताकत देती हैं। इस सफलता से भारत की रक्षा ताकत और आत्मनिर्भरता दोनों मजबूत होंगी।


