अध्यक्ष बोले- संविधान संशोधन कार्यकारिणी एजेंडे का मुद्दा नहीं, कमल ने कहा-टालमटोल कर रहे सतीश थौरानी

इंडिया रिपोर्टर लाइव
बिलासपुर, 10 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक से पहले कार्यकारी अध्यक्ष कमल सोनी के इस्तीफे के बाद भी संविधान संशोधन के मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं हुई। बैठक में कमल सोनी के इस्तीफे को लेकर भी चर्चा नहीं की गई।कमल सोनी ने आरोप लगाया कि अध्यक्ष सतीश थौरानी इस मुद्दे पर टालमटोल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि संविधान संशोधन का मामला आमसभा में रखने से पहले प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में इस पर चर्चा होनी चाहिए। कार्यकारिणी में चर्चा के बाद ही इसे आमसभा के सामने रखा जाना चाहिए।
बिलासपुर में पहली बार हुई बैठक
रविवार को बिलासपुर में पहली बार छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक आयोजित हुई। इसमें प्रदेशभर से चेंबर के पदाधिकारी और कारोबारी शामिल हुए। बैठक में उद्योग और व्यापार को बढ़ावा देने, कारोबारियों की समस्याओं और उनके समाधान को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बिलासपुर और आसपास के व्यापारियों से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया गया।
कमल सोनी के इस्तीफे से गरमाई चेंबर की राजनीति
बैठक से ठीक एक दिन पहले चेंबर के संभाग कार्यकारी अध्यक्ष कमल सोनी के इस्तीफे से संगठन की राजनीति गरमा गई। सोनी ने चेंबर के संविधान में असंतुलित व्यवस्थाओं और सभी संभागों को समान प्रतिनिधित्व नहीं मिलने पर सवाल उठाए हैं।
बैठक में इन मुद्दों पर हुई चर्चा
बैठक में संगठन के विस्तार और नए कारोबारियों को चेंबर से जोड़ने को लेकर चर्चा हुई। इसके साथ ही ट्रांसपोर्टिंग में आ रही परेशानियों, व्यापारियों की समस्याओं और क्षेत्र में नए उद्योगों को बढ़ावा देने के उपायों पर पदाधिकारियों ने मंथन किया। कारोबारियों ने स्थानीय स्तर पर व्यापार को आसान बनाने और उद्योगों के लिए बेहतर माहौल तैयार करने से जुड़े सुझाव भी दिए।
थौरानी बोले- संविधान संशोधन आमसभा का विषय
बैठक के बाद चेंबर अध्यक्ष सतीश थौरानी ने कहा कि कमल सोनी ने इससे पहले संविधान संशोधन के मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं की थी। 6 अगस्त को उन्होंने वाट्सऐप के जरिए संविधान संशोधन की बात कही थी। थौरानी ने कहा कि संविधान में संशोधन का फैसला आमसभा के स्तर पर ही लिया जा सकता है। कार्यकारिणी की बैठक में इस पर निर्णय नहीं होता। उन्होंने बताया कि कमल सोनी के इस्तीफे पर भी कोई फैसला नहीं लिया गया है और न ही बैठक में संविधान संशोधन पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि यह कार्यकारिणी के एजेंडे में शामिल मुद्दा नहीं था। संविधान संशोधन के लिए एक समिति बनाई गई है, जिसमें कमल सोनी को भी सदस्य बनाया गया है। उन्हें संशोधन का ड्राफ्ट तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है।कमल सोनी का कहना है कि चेंबर के प्रमुख पदों पर प्रदेश के सभी क्षेत्रों को समान अवसर मिलना चाहिए। उनका आरोप है कि संगठन में क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने के लिए मौजूदा व्यवस्था में बदलाव की जरूरत है।
कमल सोनी बोले- टालमटोल कर रहे अध्यक्ष
इस्तीफे और बैठक के बाद कमल सोनी ने कहा कि 6 अगस्त से पहले भी उन्होंने कई बार अध्यक्ष को पत्र लिखकर संविधान संशोधन की मांग की थी। इसके बावजूद इस मुद्दे पर बार-बार टालमटोल की जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान संविधान में केवल रायपुर के अध्यक्ष और पदाधिकारियों के निर्वाचित होने का प्रावधान है। इसमें संशोधन कर प्रदेशभर के सदस्यों को प्रतिनिधित्व का अवसर मिलना चाहिए। सोनी ने आरोप लगाया कि जानबूझकर संविधान संशोधन की प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया जा रहा है।


