पूर्व उप मुख्यमंत्री के बयान ने खोले पुराने जख्म – डॉ. चरणदास महंत

Indiareporter Live
शेयर करे

इंडिया रिपोर्टर लाइव

रायपुर, 06 सितंबर 2026 । छत्तीसगढ़ विधानसभा नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने झीरम घाटी मामले में आए ताजा अदालती फैसले और तत्कालीन परिस्थितियों को लेकर सामने आए पूर्व उप मुख्यमंत्री के बयानों पर गहरी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

डॉ. महंत ने कहा कि झीरम  घाटी का नरसंहार महज एक नक्सली हमला नहीं, बल्कि लोकतंत्र के इतिहास की सबसे बड़ी राजनीतिक आपराधिक साजिश थी, जिसमे हमने अपने अग्रिम पंक्ति के नेताओं विद्याचरण शुक्ल, नंदकुमार पटेल, महेंद्र कर्मा, उदय मुदलियार सहित 30 से अधिक जवानों और कार्यकर्ताओं की शहादत हुई है, जिसके असली सूत्रधार आज भी बेनकाब होने बाकी हैं।

नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि, खुफिया इनपुट के बावजूद सुरक्षा में चूक क्यों, इंटेलिजेंस ब्यूरो द्वारा स्पष्ट लिखित सूचना दी गई थी कि क्षेत्र में नक्सलियों की हलचल है। इसके बावजूद जगदलपुर से सुकमा मार्ग के अति-संवेदनशील क्षेत्र में एक भी सुरक्षाकर्मी क्यों तैनात नहीं था?

डॉ. महंत ने कहा कि, प्रशासनिक स्तर पर पूर्व सूचना पहले से दी गयी थी, कांग्रेस पार्टी की ओर से काफिले के प्रस्थान, मार्ग और उसमें शामिल शीर्ष नेतृत्व की विस्तृत जानकारी डीजीपी से लेकर स्थानीय एसपी तक को विधिवत दी गई थी। इसके बाद भी पूरे रूट को सुरक्षा-विहीन किसके आदेश पर छोड़ा गया..?

डॉ. महंत ने कहा कि, सुरक्षा वापसी पर जवाबदेही और पूर्व उप मुख्यमंत्री का यह बयान बेहद गंभीर है कि उस संवेदनशील क्षेत्र में कोई सुरक्षा बल मौजूद नहीं था। यह स्वतः स्पष्ट करता है कि काफिले को जानबूझकर मौत के मुंह में धकेला गया।

डॉ. महंत ने कहा कि, झीरम हमले पर आए अदालती फैसलों से केवल जमीनी स्तर के आरोपियों तक प्रक्रिया सीमित रह जाती है, जबकि इस जघन्य हत्याकांड के पीछे मौजूद ‘आपराधिक राजनीतिक षड्यंत्र’ की तह तक पहुंचना अभी बाकी है।

डॉ. महंत ने कहा कि कांग्रेस के शीर्ष नेताओं, विद्याचरण शुक्ल, नंदकुमार पटेल, महेंद्र कर्मा, उदय मुदलियार सहित 30 से अधिक जवानों और कार्यकर्ताओं की शहादत का कर्ज अभी बाकी है। उन्होंने मांग की है कि सुरक्षा वापस लेने और आईबी अलर्ट की अनदेखी करने वाले तत्कालीन ज़िम्मेदार अधिकारियों व उच्चस्तरीय पदों पर बैठे लोगों की भूमिका की निष्पक्ष, व्यापक जांच कर षड्यंत्रकारियों को कड़ी से कड़ी सजा नहीं दी जाती तब तक यह न्याय अधूरा है।

Leave a Reply

Next Post

कहीं पेड़ों पर क्यूआर कोड, तो पहियों पर साइंस लैब

शेयर करे82 शिक्षकों को मिला पुरस्कार; राष्ट्रपति ने किया सम्मानित इंडिया रिपोर्टर लाइव नई दिल्ली, 06 सितंबर 2026। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शिक्षक दिवस के मौके पर देश के 82 असाधारण शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया। दिल्ली के विज्ञान भवन में शनिवार को सम्मानित होने वाले शिक्षकों […]

You May Like

भारतीय महिला टीम ने लगाई जीत की हैट्रिक....|....जालंधर में पकड़ा गया एफबीआई का मोस्ट वांटेड ठग....|....ईरानी तेल टैंकर पर अमेरिकी हमला: धू-धू कर जलता रहा जहाज....|....कहीं पेड़ों पर क्यूआर कोड, तो पहियों पर साइंस लैब....|....पूर्व उप मुख्यमंत्री के बयान ने खोले पुराने जख्म - डॉ. चरणदास महंत....|....मायावती ने मस्जिदों के ध्वस्तीकरण पर उठाए सवाल, बोलीं-सरकार तुरंत रोके अभियान....|....दर्द का इलाज कराने गई महिला की 15 दिन बाद मौत....|....ब्यौहारी में गौशाला की मांग पर बवाल....|....जन्मअष्टमी पर बांके बिहारी मंदिर के डिस्प्ले बोर्ड पर दिखी ऊर्दू की आयतें, हिन्दू संगठनों की आपत्ति....|....पानी का पाउच उधार नहीं दिया तो भड़का युवक