बेटे की मौत, पिता गंभीर रूप से घायल

इंडिया रिपोर्टर लाइव
उमरिया, 26 अक्टूबर 2026। जिले के चंदिया थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे पर एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। कटनी से उमरिया की ओर आ रहा एक अनियंत्रित कैप्सूल वाहन सड़क किनारे स्थित दुकान में जा घुसा। हादसे में दुकान के पास मौजूद संतोष कुशवाहा उम्र 38 वर्ष की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके पिता नत्थू कुशवाहा गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
मिली जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह कैप्सूल वाहन कटनी से उमरिया की ओर जा रहा था। इसी दौरान अज्ञात कारणों से वाहन अनियंत्रित हो गया और हाईवे के किनारे बनी नत्थू कुशवाहा की दुकान में जा घुसा। वाहन की चपेट में आने से संतोष कुशवाहा को संभलने तक का मौका नहीं मिला। टक्कर इतनी भीषण थी कि उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं उनके पिता नत्थू कुशवाहा गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे की सूचना मिलने के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। घायल नत्थू कुशवाहा को 108 एंबुलेंस की मदद से चंदिया अस्पताल पहुंचाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। पिता की जिंदगी बचाने के लिए उपचार जारी है जबकि बेटे की असमय मौत से परिवार गहरे सदमे में है। बताया जा रहा है कि पीड़ित परिवार हाईवे के किनारे कच्चे मकान में रहकर वाहनों की धुलाई आदि के लिए पानी की आपूर्ति का काम करता था। रोजी-रोटी के लिए सड़क किनारे मेहनत करने वाले परिवार को शायद अंदाजा भी नहीं था कि एक अनियंत्रित वाहन उनकी जिंदगी में ऐसा अंधेरा भर देगा, जिससे उबर पाना आसान नहीं होगा।
हाईवे पर भारी वाहनों की रफ्तार
चंदिया हाईवे पर हुआ यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। हाईवे पर तेज रफ्तार से दौड़ते भारी वाहन सड़क किनारे रहने वाले लोगों और छोटे कारोबारियों के लिए खतरा बन सकते हैं। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि वाहनों की गति पर नियंत्रण, यातायात नियमों के पालन और दुर्घटना संभावित स्थानों पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर कितनी गंभीरता बरती जा रही है।
हालांकि इस हादसे में वाहन अनियंत्रित होने का वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। अब जरूरत है कि हादसे के कारणों की निष्पक्ष जांच हो और हाईवे किनारे बसे परिवारों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि किसी दूसरे परिवार को ऐसी असहनीय पीड़ा से न गुजरना पड़े।


