
इंडिया रिपोर्टर लाइव
नई दिल्ली 01 अक्टूबर 2025। अमेरिकी कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक (जीई) एयरोस्पेस ने मंगलवार को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को जीई-एफ404-आईएन20 इंजन की चौथी यूनिट सौंप दी है। यह आपूर्ति 2021 में किए गए ऑर्डर के तहत की गई है। यह इंजन लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एलसीए) मार्क 1ए में इस्तेमाल किया जाएगा, जिन्हें आने वाले समय में भारतीय वायुसेना में शामिल किया जाना है। जीई कंपनी को इस सौदे के तहत कुल 99 जीई-404 इंजन भारत को सौंपने हैं, जिसकी डिलीवरी चरणबद्ध तरीके से की जा रही है। तेजस मार्क-1ए को वायुसेना के पुराने मिग-21 लड़ाकू विमान की जगह लाने की योजना है। तेजस एक सिंगल-इंजन, मल्टी-रोल लड़ाकू विमान है, जो हवाई रक्षा, समुद्री गश्त और हमले को अंजाम देने में सक्षम है। वर्तमान में भारतीय वायुसेना के पास 31 स्क्वाड्रन हैं, जबकि अधिकृत संख्या 42 है।
क्यों महत्वपूर्ण है सौदा?
भारतीय वायुसेना के पुराने मिग-21 लड़ाकू विमान अब पूरी तरह से सेवा से बाहर किए जा चुके हैं। उनकी जगह भारतीय तकनीक से बने तेजस विमानों को शामिल किया जाएगा। इससे देश की रक्षा तैयारियों में मजबूती आएगी और दुश्मन देशों को स्पष्ट संदेश जाएगा कि भारत अब पूरी तरह आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बढ़ रहा है। इस परियोजना से देशभर की छोटी और मझली रक्षा कंपनियों (एसएमई) को भी बड़ा कारोबार मिलेगा।
स्वदेशी इंजन पर भारत कर रहा काम
भारत पहले से ही अपना स्वदेशी फाइटर जेट इंजन विकसित करने की योजना पर काम कर रहा है। इसके लिए भारत की साझेदारी फ्रांस की कंपनी सफरान से की जा रही है। लक्ष्य है कि आने वाले समय में भारत को किसी विदेशी कंपनी पर निर्भर न रहना पड़े।


