अयोध्या विवाद: मुस्लिम पक्ष के वकील का दावा, नहीं छोड़ेंगे जमीन, कोर्ट के फैसले का इंतज़ार

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नई दिल्ली : मुस्लिम पक्ष की ओर से इस मामले में मध्यस्थता की खबरों का खंडन किया गया है. मुस्लिम पक्ष की ओर से पक्षकार इकबाल अंसारी के वकील एम.आर. शमशाद ने एक बयान जारी कर कहा है कि सुन्नी वक्फ बोर्ड ने जमीन पर दावा छोड़ने की बात नहीं की है, ये सभी अफवाहें हैं.

सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या के रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद पर आखिरी सुनवाई से पहले मुस्लिम पक्ष की ओर से इस मामले में मध्यस्थता की खबरों का खंडन किया गया है. मुस्लिम पक्ष की ओर से पक्षकार इकबाल अंसारी के वकील एम.आर. शमशाद ने एक बयान जारी कर कहा है कि सुन्नी वक्फ बोर्ड ने जमीन पर दावा छोड़ने की बात नहीं की है, ये सभी अफवाहें हैं.

गुरुवार को जब सुप्रीम कोर्ट में इस मामले पर आखिरी दलील शुरू हो रही है, उससे पहले मुस्लिम पक्ष के वकील की ओर से बयान जारी किया गया है. एम. आर. शमशाद ने अपने बयान में लिखा है, ‘मैं इस मामले में पिछले काफी समय से हाशिम अंसारी, अब इकबाल अंसारी की ओर से दलीलें रख रहा हूं. सुन्नी वक्फ बोर्ड को लेकर मध्यस्थता की बातें जो चल रही हैं उस बारे में मैं साफ करना चाहता हूं कि ऐसी कोई अपील नहीं की गई है.

बयान में वकील ने कहा है कि मुस्लिम पक्ष की ओर से कुल 6 पार्टियां ये केस लड़ रही हैं, इनमें से सुन्नी वक्फ बोर्ड एक पार्टी है. सभी पार्टियां इस मामले में अपनी ओर से दलीलें पेश कर रही हैं.

खुद इस मामले में पक्षकार इकबाल अंसारी ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट इस केस में जो भी फैसला करेगा, वो मानेंगे. उन्होंने अपील करते हुए कहा कि फैसला जिसके भी पक्ष में आए, उसे मानना चाहिए. लोग शांति से सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करें. हम हमेशा से ही देश की तरक्की चाहते हैं.

कब खत्म होगी सुनवाई?

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की रोजाना सुनवाई शुरू होने से पहले अदालत ने मध्यस्थता का ऑप्शन दिया था. लेकिन इसपर किसी पक्ष की सहमति नहीं बन सकी थी. जिसके बाद 6 अगस्त से इस मामले की रोजाना सुनवाई चल रही है. हालांकि, अदालत की ओर से कहा गया था कि अगर कोई पक्ष मध्यस्थता करना चाहता है, तो वह सीधे अदालत को बता सकता है.

बता दें कि बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद की आखिरी दलीलें पेश होनी हैं. अदालत में 16 अक्टूबर को हिंदू और मुस्लिम पक्ष दोनों ओर से अंतिम दलील रखी जाएंगी. इसके बाद 17 अक्टूबर को मोल्डिंग ऑफ रिलीफ पर बहस होगी.

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