
इंडिया रिपोर्टर लाइव
नई दिल्ली 29 नवंबर 2021 । संसद के शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन कृषि कानूनों की वापसी की प्रक्रिया शुरू हो गई है। कृषि कानूनों की वापसी के बिल को लोकसभा से सुबह ही ध्वनिमत से मंजूरी मिल गई और अब इसे राज्यसभा में पेश किया गया है। यही नहीं इस विधेयक पर उच्च सदन में चर्चा भी शुरू हुई है। इन कानूनों की वापसी को लेकर कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि उपचुनावों में हार के चलते सरकार ने इन कानूनों की वापसी का फैसला लिया है।
इससे पहले सत्र की शुरुआत से पूर्व पीएम नरेंद्र मोदी ने विपक्षी दलों से संसद में शांति के साथ सवाल पूछने की अपील की है। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि सरकार किसी भी मुद्दे पर चर्चा करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। हमें देश हित के मुद्दों पर समझदारी और एकता के साथ बात करने की जरूरत है। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह अहम अवसर है, जब हमें रचनात्क चर्चा करके देशहित में आगे बढ़ना चाहिए। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि सरकार हर सवाल का जवाब देने को तैयार है और रचनात्मक चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि संसद में सरकार और उसकी नीतियों के खिलाफ आवाज प्रखर होनी चाहिए, लेकिन संसद और चेयर की गरिमा भी बनाए रखनी चाहिए।
कांग्रेस नेताओं की ओर से एमएसपी की गारंटी के लिए अलग से कानून बनाए जाने की मांग की जा रही है। इस शीत सत्र में कृषि कानून निरसन विधेयक के अलावा, अन्य 26 बिल भी सरकार के एजेंडे में हैं। यही वजह है कि भाजपा और विपक्ष ने अपने-अपने सांसदों को उपस्थित होने के लिए व्हिप जारी किया है।
राज्यसभा में पेश हुए कृषि कानून को वापस लेने वाला विधेयक
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने राज्यसभा में कृषि कानून को वापस लेने वाला विधेयक 2021 पेश किया। राज्यसभा में अब इस पर चर्चा शुरू हो गई है।
तीन कृषि कानूनों पर चर्चा को अड़ा विपक्ष, राज्यसभा की कार्यवाही भी स्थगित
लोकसभा के बाद अब राज्यसभा की कार्यवाही भी दोपहर 12:19 बजे तक के लिए स्थगित हो गई है। सदन में विपक्षी सांसद तीनों कृषि कानूनों की वापसी को लेकर चर्चा की मांग कर रहे हैं। वहीं सरकार का कहना है कि जब कानून ही वापस लिए जा रहे हैं तो फिर चर्चा की क्या जरूरत है।
संसद के बाहर कांग्रेस का प्रदर्शन, राहुल भी हुए शामिल
कांग्रेसी सांसदों ने संसद सत्र के पहले दिन किसानों की मांग सहित विभन्नि मुद्दों पर परिसर में प्रदर्शन किया। इसमें कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी, राहुल गांधी भी शामिल रहे।
कांग्रेस की बुलाई बैठक में शामिल हुई 11 पार्टियां
संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत से ठीक पहले आज कांग्रेस की अगुवाई में विपक्षी दलों की बैठक हुई। इस बैठक में कुल 11 राजनीतिक दल शामिल हुए। हालांकि, ममता बनर्जी की टीएमसी और अरविंद केजरीवाली की आम आदमी पार्टी इस बैठक का हिस्सा नहीं थी। बैठक में शिरकत करने वाले दलों में कांग्रेस के अलावा डीएमके, एनसीपी, सीपीएम, सीपीआई, आरजेडी, आईयूएमएल, एलजेडी, नेशनल कॉन्फ्रेंस, एमडीएमके और आरएसपी शामिल थी।


