यूके में पीएम पद की उम्मीदवारी: ऋषि सुनक और बोरिस जॉनसन के आमने-सामने होने का अनुमान

Indiareporter Live
शेयर करे

इंडिया रिपोर्टर लाइव

लंदन 23 अक्टूबर 2022। ब्रिटेन का अगला प्रधानमंत्री कौन होगा? इस सवाल का जवाब पूरी दुनिया जानना चाहती है, लेकिन बीते कुछ महीनों में जिस तरह से ब्रिटेन की राजनीति में उलटफेर हुए हैं, उसके चलते किसी पर भी दावा करना मुश्किल लग रहा है। हालांकि, मुकाबला पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन और पूर्व चांसलर ऋषि सुनक के बीच ही माना जा रहा है। जबकि, दोनों की ओर से पीएम पद की उम्मीदवारी का दावा अभी तक नहीं किया गया है। इन सबके बीच शनिवार को जॉनसन और सुनक आमने-सामने आए और कंजर्वेटिव पार्टी के नेतृत्व को लेकर दोनों के बीच चर्चा हुई। मामले से परिचित लोगों का कहना है कि दोनों के बीच समझौते को लेकर बातचीत हुई, जो वोटों के बंटवारे की आवश्यकता को समाप्त कर सकता है। 

सांसदों की अपील पर दोनों नेता आए सामने 
बता दें, पूर्व में हुए कुछ घटनाक्रमों के कारण ऋषि सुनक और बोरिस जॉनसन के बीच मतभेद सामने आ गए थे। हालांकि, इन मतभेदों को खत्म करने के लिए दोनों नेताओं से टोरी सांसदों ने अपील की थी, जिसके बाद दोनों नेता आमने-सामने आए। मामले पर करीब से नजर रखने वालों में से एक का कहना है कि दोनों के बीच एक समझौते पर मतभेद खत्म करने को लेकर चर्चा हुई, जिसमें उनमें से एक को प्रमुख के रूप में और दूसरे को वरिष्ठ कैबिनेट सहयेगी की स्थिति में देखा जा सकता है। 

सुनक के पास 100 से अधिक सांसदों का समर्थन
भारतीय मूल के ब्रिटिश सांसद और पूर्व वित्त मंत्री ऋषि सुनक ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री पद की दौड़ में शामिल होने के लिए न्यूनतम नामांकन की सीमा को पार कर लिया है। उन्हें कंजर्वेटिव पार्टी और ब्रिटिश प्रधानमंत्री पद के लिए 100 से अधिक नामांकन हासिल हो गए हैं। देश की पूर्व प्रधानमंत्री लिज ट्रस के इस्तीफे के बाद पद पर दावा करने वालों में ऋषि सुनक पहले हैं, जिन्होंने 100 सांसदों का समर्थन प्राप्त किया है। वहीं, जॉनसन सुनक से काफी पीछे चल रहे हैं, हालांकि उनके समर्थकों ने दावा किया कि उनके पास निजी तौर पर 100 से अधिक लोग हैं। 

Leave a Reply

Next Post

हिंदी को लेकर शत-प्रतिशत साक्षरता की राह पर केरल का यह गांव, हर उम्र के लोग सीख रहे हिंदी भाषा

शेयर करे इंडिया रिपोर्टर लाइव तिरुवनंतपुरम 23 अक्टूबर 2022। एक तरफ जब हिंदी को लेकर विशेष तौर पर दक्षिण पट्टी के राज्यों में जबरदस्त बहस छिड़ी हुई है, तो दूसरी ओर केरल का एक गांव आने वाले कुछ सालों में 100 प्रतिशत हिंदी साक्षरता की राह पर आगे बढ़ रहा […]

You May Like

गिटम यूनिवर्सिटी ने अकादमिक अनुसंधान पर राष्ट्रीय कॉन्क्लेव आयोजित किया....|....'सीएम योगी की मां, हमारी भी मां'- मौलाना के विवादित बयान पर भड़के स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, हरदोई में दी बड़ी चेतावनी....|....6 शादियां भी कम पड़ीं, अब 7वीं की तैयारी; थाने पहुंचा बेटा बोला- 'सर, मेरे पापा को रोकिए!'....|....कटनी में भीषण सड़क हादसा: कार-बाइक की टक्कर में चार लोगों की दर्दनाक मौत, परिजनों का रो रोकर बुरा हाल....|....आबकारी नीति मामला: सीबीआई के बाद अब ईडी भी पहुंची दिल्ली हाईकोर्ट, 19 मार्च को होगी सुनवाई....|.... 'परिवर्तन यात्रा' से भाजपा का बड़ा चुनावी संदेश, भ्रष्टाचार और घुसपैठ पर ममता सरकार को घेरा....|....पश्चिम एशिया संकट गहराया, कतर से 1,000 से अधिक भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला गया....|....'अगर तेल रोका तो 20 गुना ज्यादा ताकत से करेंगे हमला', ट्रंप ने ईरान को दी नई धमकी; चीन से कही ये बात....|....सोशल मीडिया पर ईरानी हमलों का मना रहे थे जश्न, बहरीन में पांच पाकिस्तानी और एक बांग्लादेशी गिरफ्तार....|....ओडिशा में 12 साल बाद राज्यसभा चुनाव: चार सीटों पर पांच उम्मीदवार मुकाबले में, किसी ने भी वापस नहीं लिया नाम