
इंडिया रिपोर्टर लाइव
नई दिल्ली 02 अगस्त 2025। भारतीय सेना ने शुक्रवार को एक्सिसकेड्स एयरोस्पेस एंड टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के साथ साथ 223.95 करोड़ रुपये का समझौता किया है। इसके तहत 212 अत्याधुनिक 50 टन के टैंक ट्रांसपोर्टर ट्रेलर खरीदे जाएंगे। यह सौदा सेना की परिचालन गतिशीलता क्षमता बढ़ाने और आत्मनिर्भर भारत अभियान को समर्थन देने की दिशा में एक अहम कदम है। इस समझौते पर भारतीय-आईडीडीएम श्रेणी के तहत दस्तखत किए गए। यह समझौता स्वदेशी डिजाइन,विकास और निर्माण को प्राथमिकता देता है। इससे रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को मजबूती मिलेगी। इन ट्रेलरों में हाइड्रोलिक/न्यूमैटिक रैंप और स्टेरेबल व लिफ्टेबल एक्सल लगे हैं। इनसे टैंक और बख्तरबंद गाड़ियों को मुश्किल इलाकों में ले जाना आसान हो जाएगा। ये ट्रेलर सेना ऑपरेशनल ताकत में इजाफा करेंगे। ये ट्रेलर सेना की लॉजिस्टिक और ऑपरेशनल क्षमताओं को काफी बढ़ा देंगे और एक फोर्स मल्टीप्लायर यानी बल बढ़ाने वाले की तरह काम करेंगे।
रक्षा उद्योग और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
यह सौदा स्वदेशी रक्षा निर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देगा और स्थायी रोजगार के अवसर भी पैदा करेगा। यह भविष्य की चुनौतियों के लिए मजबूत तैयारी का संकेत है। इससे पहले भारतीय सेना ने 28 जुलाई को सिक्किम में हाई-टेक दिव्य दृष्टि अभ्यास किया था। पूर्वी सिक्किम के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में किए गए इस अभ्यास में युद्धक्षेत्र जागरूकता, वास्तविक समय निगरानी और त्वरित निर्णय लेने में सुधार के लिए डिजाइन की गई नई तकनीकों का परीक्षण किया गया।
त्रिशक्ति कोर के सैनिकों ने वास्तविक परिदृश्यों को अंजाम देने के लिए यूएवी और ड्रोन सहित जमीन आधारित प्रणालियों और हवाई प्लेटफार्मों के मेल का इस्तेमाल किया। इसकी खास बात एआई सेंसर का इस्तेमाल रही। ये सेंसर उन्नत संचार प्रणालियों से जुड़े से जुड़े थे। इस व्यवस्था ने कमांड सेंटरों के बीच सुचारू और सुरक्षित डाटा प्रवाह पक्का हुआ और स्थितिजन्य जागरूकता बढ़ने के साथ हीसटीक निर्णय लेने में मदद मिली यानी एक मजबूत सेंसर-टू-शूटर लिंक बना।


