
इंडिया रिपोर्टर लाइव
इंफाल 09 फरवरी 2026। मणिपुर के उखरुल जिले में रविवार शाम दो आदिवासी समूहों के बीच हिंसक झड़प हो गई। हालात बिगड़ते देख प्रशासन ने लिटन गांव में निषेधाज्ञा लागू कर दी। अधिकारियों के अनुसार, लिटन गांव में तांगखुल और कुकी समुदायों के सदस्यों के बीच पत्थरबाजी शुरू हो गई, जिसके बाद सुरक्षा बलों को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागने पड़े। इलाके में कई राउंड फायरिंग की भी सूचना है, जिससे तनाव और बढ़ गया।
लिटन गांव में निषेधाज्ञा
उखरुल के जिला मजिस्ट्रेट आशीष दास द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि लिटन गांव में शांति भंग होने और सार्वजनिक व्यवस्था बिगड़ने की आशंका है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि मौजूदा हालात में मानव जीवन और संपत्ति को खतरा हो सकता है, इसलिए तत्काल कार्रवाई जरूरी थी। आदेश के तहत भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 163(1) के अंतर्गत 8 फरवरी 2026 को शाम 7 बजे से अगले आदेश तक लिटन गांव में लोगों के अपने घरों से बाहर निकलने और ऐसी किसी भी गतिविधि पर रोक लगा दी गई है, जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। हालांकि, यह आदेश सरकारी अधिकारियों और सुरक्षा कर्मियों पर लागू नहीं होगा।
इलाके में तनाव शनिवार रात से ही बना हुआ था
अधिकारियों ने बताया कि इलाके में तनाव शनिवार रात से ही बना हुआ था। आरोप है कि लिटन गांव में सात से आठ लोगों ने तांगखुल समुदाय के एक सदस्य पर हमला किया था। इस घटना को लेकर पीड़ित पक्ष और लिटन सरेखोंग के मुखिया के बीच बातचीत हुई थी और पारंपरिक तरीकों से मामला सुलझाने पर सहमति बनी थी। इसके लिए रविवार को एक बैठक तय की गई थी।
हालांकि, पीड़ित का परिवार बैठक में शामिल नहीं हुआ। इसके बाद पास के सिकिबुंग गांव के कुछ ग्रामीणों ने कथित तौर पर लिटन सरेखोंग के मुखिया के आवास पर हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने लिटन पुलिस स्टेशन के पास से गुजरते हुए करीब सात राउंड फायरिंग की।


