
इंडिया रिपोर्टर लाइव
नियामे 19 जून 2026। अफ्रीकी देश नाइजर की राजधानी नियामी में स्थित मुख्य अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गुरुवार तड़के हथियारबंद हमलावरों ने बड़ा हमला कर दिया। इस हमले में 11 सैनिकों और दो नागरिकों की मौत हो गई, जबकि सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में 22 हमलावर भी मारे गए। नाइजर के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि हमलावरों ने राजधानी के डियोरी हमानी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाया था। सुरक्षा बलों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए हमले को विफल कर दिया। इस दौरान 20 संदिग्धों को गिरफ्तार भी किया गया है। उनके पास से हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गए हैं।
हमले के तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों ने की कार्रवाई
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमले के दौरान एयरपोर्ट क्षेत्र में गोलियों की आवाजें और विस्फोट सुनाई दिए। घटना के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी और एयरपोर्ट जाने वाले रास्तों पर सघन तलाशी अभियान चलाया। हालांकि, कुछ घंटों बाद नाइजर की राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन एजेंसी ने कहा कि एयरपोर्ट पर परिचालन सामान्य रूप से जारी है और उड़ानों पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। यह इस साल एयरपोर्ट पर हुआ दूसरा बड़ा हमला है। इससे पहले जनवरी में भी इसी एयरपोर्ट को निशाना बनाया गया था। उस हमले की जिम्मेदारी आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) ने ली थी। तब एयरपोर्ट पर मौजूद नाइजर के ड्रोन ठिकानों को निशाना बनाया गया था।
जनवरी के हमले के बाद बढ़ाई गई थी एयरपोर्ट की सुरक्षा
डियोरी हमानी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा नाइजर के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां नाइजर वायुसेना का बेस मौजूद है। साथ ही नाइजर, बुर्किना फासो और माली की संयुक्त सैन्य बल का मुख्यालय भी इसी परिसर में स्थित है। विशेषज्ञों का कहना है कि एयरपोर्ट की सुरक्षा जनवरी के हमले के बाद बढ़ाई गई थी, लेकिन इसके बावजूद क्षेत्र में सक्रिय जिहादी संगठन लगातार खतरा बने हुए हैं। नाइजर, बुर्किना फासो और माली जैसे साहेल क्षेत्र के देश लंबे समय से आतंकवादी हिंसा का सामना कर रहे हैं।
2023 में तख्तापलट सत्ता में है सेना समर्थित सरकार
गौरतलब है कि नाइजर में 2023 में सैन्य तख्तापलट के बाद सेना समर्थित सरकार सत्ता में है। इसके बावजूद देश में आतंकवादी हमलों और हिंसक गतिविधियों पर पूरी तरह नियंत्रण नहीं पाया जा सका है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि एयरपोर्ट का सामरिक महत्व और संयुक्त सैन्य बल का मुख्यालय होने के कारण आतंकवादी संगठन इसे बार-बार निशाना बनाने की कोशिश कर सकते हैं।


