
इंडिया रिपोर्टर लाइव
नई दिल्ली 02 जुलाई 2026। केंद्र सरकार ने बुधवार को बड़ा फैसला लेते हुए कहा कि अब राशन की दुकानों के जरिये 80 करोड़ से ज्यादा लोगों को पहले से बेहतर गुणवत्ता वाला चावल दिया जाएगा। इसके लिए चावल में टूटे हुए दानों (ब्रोकन राइस) की मात्रा कम की जाएगी।
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने क्या कहा?
केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राशन में दिए जाने वाले चावल में टूटे दानों की तय सीमा घटाने का फैसला किया है। कच्चे चावल में टूटे दानों की सीमा 25% से घटाकर 10% कर दी गई है। आधे उबले चावल (पारबॉयल्ड) में यह सीमा 16% से घटाकर 5% कर दी गई है।
प्रह्लाद जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मंत्रिमंडल ने भारत की खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए यह ऐतिहासिक और बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि करीब 30 साल बाद पहली बार प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) के तहत वितरित किए जाने वाले चावल के गुणवत्ता मानकों में सुधार किया गया है।
हर पात्र परिवार को पहले की तरह मिलता रहेगा अनाज
मंत्री ने कहा कि इससे 80 करोड़ से ज्यादा लाभार्थियों को सम्मान के साथ बेहतर गुणवत्ता वाला भोजन मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि पीएमजीकेएवाई के तहत हर पात्र परिवार को पहले की तरह ही तय मात्रा में अनाज मिलता रहेगा। लेकिन अब उसकी गुणवत्ता पहले से काफी बेहतर होगी।
‘पारदर्शिता बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध सरकार’
प्रह्लाद जोशी ने कहा कि यह बड़ा सुधार सरकार की बेहतर गुणवत्ता वाला अनाज देने, हर दाने का सही उपयोग सुनिश्चित करने, क्यूआर कोड के जरिये पारदर्शिता बढ़ाने और लागत को बेहतर तरीके से नियंत्रित करने की प्रतिबद्धता को दिखाता है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून (एनएफएसए) के तहत सरकार हर पात्र व्यक्ति को हर महीने पांच किलोग्राम अनाज (चावल और गेहूं) मुफ्त देती है। वहीं, अंत्योदय अन्न योजना के तहत आने वाले परिवारों को हर महीने 35 किलोग्राम अनाज दिया जाता है।


