
इंडिया रिपोर्टर लाइव
बिलासपुर 02 जुलाई 2026। बरसात के मौसम में बाजारों में हरी-भरी और ताजी तोरई की भरमार देखने को मिलती है। यह केवल स्वादिष्ट सब्जी ही नहीं, बल्कि पोषक तत्वों से भरपूर ऐसी सब्जी है, जिसे आयुर्वेद में भी विशेष महत्व दिया गया है। हल्की, आसानी से पचने वाली और शरीर को ठंडक पहुंचाने वाली तोरई बरसात और गर्मी के मौसम में स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी मानी जाती है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी बीमारी के इलाज के लिए केवल तोरई पर निर्भर रहना उचित नहीं है। यदि कोई गंभीर स्वास्थ्य समस्या हो तो डॉक्टर या आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है।
पोषक तत्वों से भरपूर होती है तोरई
तोरई में विटामिन ए, विटामिन सी, फाइबर, पोटैशियम, मैग्नीशियम समेत कई आवश्यक खनिज तत्व पाए जाते हैं। इसके अलावा इसमें पानी की मात्रा भी काफी अधिक होती है, जो शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करती है। यही वजह है कि गर्मी और बरसात के मौसम में इसका सेवन शरीर को तरोताजा रखने और पानी की कमी से बचाने में सहायक माना जाता है।
पाचन तंत्र को रखती है स्वस्थ
तोरई को पाचन के लिए बेहद लाभकारी सब्जी माना जाता है। इसमें मौजूद फाइबर भोजन को आसानी से पचाने में मदद करता है और पाचन प्रक्रिया को बेहतर बनाता है। नियमित रूप से संतुलित मात्रा में इसका सेवन करने से कब्ज की समस्या में राहत मिल सकती है और पेट साफ रखने में भी सहायता मिलती है। जिन लोगों को अक्सर गैस, अपच या भारीपन की शिकायत रहती है, उनके लिए हल्के भोजन के रूप में तोरई एक अच्छा विकल्प हो सकती है।
वजन नियंत्रित रखने में भी करती है मदद
जो लोग वजन कम करने या नियंत्रित रखने की कोशिश कर रहे हैं, उनके लिए भी तोरई लाभकारी मानी जाती है। इसमें कैलोरी की मात्रा काफी कम होती है, जबकि फाइबर भरपूर मात्रा में मौजूद रहता है। यही कारण है कि इसे खाने के बाद लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस होता है और बार-बार भूख नहीं लगती। इस वजह से इसे वजन घटाने वाले संतुलित आहार में भी शामिल किया जाता है।
डायबिटीज मरीजों के लिए भी हो सकती है उपयोगी
मधुमेह यानी डायबिटीज से पीड़ित लोगों के लिए भी तोरई को फायदेमंद माना जाता है। इसमें प्राकृतिक रूप से शर्करा की मात्रा कम होती है और फाइबर अधिक होने के कारण यह रक्त में शुगर के स्तर को नियंत्रित रखने में सहायक हो सकती है। हालांकि विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि डायबिटीज के मरीज अपने खानपान में कोई भी बड़ा बदलाव करने से पहले चिकित्सक की सलाह अवश्य लें।
दिल की सेहत का भी रखती है ख्याल
तोरई का सेवन हृदय स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माना जाता है। इसमें मौजूद पोटैशियम रक्तचाप को संतुलित बनाए रखने में मदद करता है। वहीं फाइबर शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में सहायक हो सकता है, जिससे हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा कम करने में मदद मिल सकती है। संतुलित आहार के साथ इसका नियमित सेवन दिल को स्वस्थ रखने में सहयोगी माना जाता है।
शरीर को ठंडक पहुंचाने में सहायक
वैद्य विष्णु दत्त प्रजापति के अनुसार आयुर्वेद में तोरई को शरीर की गर्मी कम करने वाला खाद्य पदार्थ माना गया है। इसका नियमित सेवन शरीर को ठंडक पहुंचाने के साथ-साथ पानी की कमी से बचाने में भी मदद कर सकता है। यही कारण है कि बरसात और गर्मी के मौसम में इसे भोजन का हिस्सा बनाने की सलाह दी जाती है।
इस तरह खाने से मिलेगा अधिक लाभ
विशेषज्ञों का कहना है कि तोरई का अधिकतम पोषण लाभ तभी मिलता है, जब इसे कम तेल और हल्के मसालों के साथ पकाकर खाया जाए। अत्यधिक तेल और मसालों का प्रयोग इसके पोषण मूल्य को प्रभावित कर सकता है। साथ ही हमेशा ताजी, हरी और कोमल तोरई का ही सेवन करना चाहिए, क्योंकि इसमें पोषक तत्व अधिक मात्रा में सुरक्षित रहते हैं।
संतुलित आहार का बेहतरीन हिस्सा
तोरई ऐसी हरी सब्जी है, जिसमें स्वाद, पोषण और स्वास्थ्य का बेहतरीन संतुलन देखने को मिलता है। यदि इसे नियमित रूप से संतुलित आहार में शामिल किया जाए, तो यह शरीर को आवश्यक पोषक तत्व उपलब्ध कराने के साथ स्वस्थ जीवनशैली बनाए रखने में भी मदद कर सकती है। हालांकि आयुर्वेद में इसके कई लाभ बताए गए हैं, लेकिन इसे किसी भी बीमारी का निश्चित इलाज नहीं माना जा सकता। यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय से कोई गंभीर बीमारी या अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्या है, तो उसे चिकित्सकीय सलाह के अनुसार ही उपचार कराना चाहिए।

