
इंडिया रिपोर्टर लाइव
नई दिल्ली 28 जून 2026। यमुना की सफाई और दिल्ली के प्रदूषण स्तर में सुधार नहीं हुआ तो राजधानी में सरकारी कामकाज का मौजूदा ढांचा बदला जा सकता है। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने साफ संकेत दिए हैं कि यदि तय समय सीमा में यमुना की स्थिति में सुधार नहीं आया तो विभिन्न विभागों और एजेंसियों की जिम्मेदारियां अलग-अलग तय की जाएंगी, ताकि किसी भी काम के लिए जवाबदेही स्पष्ट हो सके। उपराज्यपाल ने कहा, फिलहाल उनकी प्राथमिकता यही है कि दिल्ली सरकार के विभाग, डीडीए और एमसीडी जैसी एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ ईमानदारी से काम करें। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से यमुना सफाई और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता सुधार के लिए तय की गई नई समयसीमा तक इंतजार किया जाएगा। लेकिन यदि इसके बाद भी यमुना की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं आता है, तो व्यवस्था में बदलाव किया जाएगा। एलजी के अनुसार, नालों की सफाई की जिम्मेदारी एक एजेंसी को, सड़कों के निर्माण की जिम्मेदारी दूसरी एजेंसी को और अन्य कामों की जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से तय की जा सकती है।
जिम्मेदारी तय होने से खत्म होगा विभागों का टकराव
दिल्ली में लंबे समय से नालों, सीवर, सड़क और जलभराव जैसे मुद्दों पर अलग-अलग विभागों के बीच जिम्मेदारी को लेकर विवाद सामने आते रहे हैं। एलजी ने इसी समस्या का समाधान जिम्मेदारी के स्पष्ट बंटवारे में बताया। उन्होंने कहा कि अभी व्यवस्था को बदलने के बजाय सभी विभागों को मिलकर काम करने का अवसर दिया जा रहा है। दिल्ली में कई अधिकारी और कर्मचारी अच्छा काम कर रहे हैं। उनके साथ मिलकर बेहतर परिणाम हासिल करने की कोशिश की जा रही है।
यमुना की सफाई के लिए वैज्ञानिक प्रयासों पर जोर
एलजी ने कहा कि यदि संकल्प और गंभीर प्रयास किए जाएं तो यमुना की पवित्रता वापस लाई जा सकती है। उन्होंने दुनिया के उन शहरों का उदाहरण दिया जहां नदियों को प्रदूषण से मुक्त किया गया है। उन्होंने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता और कार्यप्रणाली में सुधार को यमुना सफाई की सबसे अहम कड़ी बताया।
हादसों के बाद तय होगी विभागों की जिम्मेदारी
एलजी ने हौजरानी अग्निकांड का उदाहरण देते हुए कहा कि इस घटना के बाद संबंधित विभागों के अधिकारियों की हाईलेवल कमेटी बनाई गई है, जिसकी अध्यक्षता स्थानीय जिलाधिकारी कर रहे हैं। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर यह तय किया जाएगा कि किस विभाग की क्या जिम्मेदारी थी, किस स्तर पर लापरवाही हुई और किन अधिकारियों की जवाबदेही बनती है। इसके बाद आगे की व्यवस्था तय की जाएगी।
प्रदूषण, ट्रैफिक और सुरक्षा पर भी फोकस
लोक निवास में हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान एलजी ने दिल्ली की सड़कों, प्रदूषण, ट्रैफिक व्यवस्था, अस्पतालों और स्कूलों के आसपास अतिक्रमण जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन को एआई तथा डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने अधिकारियों को जमीन पर जाकर समस्याओं को समझने और आम लोगों के बीच रहकर काम करने की जरूरत बताई।


