पोस्टमार्टम रिपोर्ट से होगा मौत के कारण का खुलासा

इंडिया रिपोर्टर लाइव
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 29 जुलाई 2026। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के सेमरदर्री (सिंगारबहरा) गांव में जहरीले जंतु के काटने की आशंका में तीन वर्षीय मासूम की मौत हो गई। बच्चे को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन मरवाही पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। फिलहाल चिकित्सकों ने मौत का कारण स्पष्ट करने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार करने की बात कही है। जिले के मरवाही विकासखंड के सेमरदर्री (सिंगारबहरा) गांव में जहरीले जंतु के काटने की आशंका में तीन वर्षीय मासूम की मौत का मामला सामने आया है। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। चिकित्सकों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि बच्चे की मौत सर्पदंश से हुई है या किसी अन्य जहरीले कीड़े के काटने से।
जानकारी के अनुसार, सेमरदर्री निवासी स्वर्गीय रमेश सिंह का तीन वर्षीय पुत्र देर रात अपने परिजनों के साथ घर में जमीन पर सो रहा था। इसी दौरान उसे अचानक तेज दर्द होने लगा और वह जोर-जोर से रोने लगा। परिजनों ने शुरुआत में इसे सामान्य परेशानी समझकर शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई। कुछ समय बाद उसकी मां ने उसे बहलाने के लिए मोबाइल फोन भी दिया, लेकिन इससे भी कोई राहत नहीं मिली। बच्चे की तबीयत ज्यादा खराब होने पर परिजन उसे तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सेमरदर्री लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मरवाही रेफर कर दिया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में मासूम ने दम तोड़ दिया।
अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार, प्रथम दृष्टया मामला किसी जहरीले जंतु के काटने का प्रतीत होता है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि बच्चे को सांप ने काटा या किसी अन्य विषैले कीड़े ने। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। ग्रामीणों ने बताया कि कुछ समय पहले ही बच्चे के पिता रमेश सिंह का निधन हो गया था। अब तीन वर्षीय बेटे की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पूरे गांव में मातम का माहौल है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं, विकासखंड स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. हर्षवर्धन मेहर ने बताया कि फिलहाल यह कहना संभव नहीं है कि बच्चे की मौत सर्पदंश से हुई है या किसी अन्य जहरीले कीड़े के काटने से। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि बरसात के मौसम में बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों को जमीन पर न सुलाएं तथा मच्छरदानी का उपयोग अवश्य करें, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।


