खंडेलवाल बोले- राहुल गांधी के नेतृत्व में देश को अस्थिर करने की कोशिश

इंडिया रिपोर्टर लाइव
भोपाल, 05 नवंबर। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर भाजपा ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा है। मध्यप्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के नेतृत्व में देश को अस्थिर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि एसआईआर कोई नई प्रक्रिया नहीं है। देश में अब तक 12 बार यह अभियान चलाया जा चुका है, जिनमें से 10 बार कांग्रेस शासनकाल में भी हुआ। इसके बावजूद कांग्रेस इस प्रक्रिया को लेकर भ्रम फैला रही है। खंडेलवाल ने कहा कि मतदाता सूची से मृत और डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम हटाना जरूरी है। उन्होंने पश्चिम बंगाल में आबादी की औसत से तीन से चार गुना वृद्धि के मामले का जिक्र करते हुए इसकी जांच की जरूरत बताई। उनके मुताबिक, मध्यप्रदेश में कांग्रेस एसआईआर के विरोध में तीन यात्राएं निकाल चुकी है। विपक्ष चुनाव हारने पर कभी ईवीएम तो कभी एसआईआर को हार का कारण बताने लगता है।
कांग्रेस शासनकाल में भी 10 बार हुई एसआईआर: प्रेम शुक्ला
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम शुक्ला ने भी एसआईआर को लेकर कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश में यह प्रक्रिया 12वीं बार हो रही है और कांग्रेस के शासनकाल में भी 10 बार एसआईआर कराया गया था। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और मनमोहन सिंह के कार्यकाल में हुई यह प्रक्रिया असंवैधानिक थी? शुक्ला ने कहा कि एसआईआर अभियान के तहत केवल डुप्लीकेट और मृत मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं।
उन्होंने राहुल गांधी की रामलीला मैदान में हुई रैली पर भी सवाल उठाए। आरोप लगाया कि दिवाली के दौरान अराजकता फैलाने का षड्यंत्र किया गया। उन्होंने दावा किया कि 25 हजार कांग्रेस कार्यकर्ताओं की रैली के कारण तीन लाख व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे और व्यापारी लगातार रैली नहीं करने की अपील करते रहे। प्रेम शुक्ला ने रैली को विफल बताते हुए कहा कि राहुल गांधी संसद में बहस करने के बजाय सड़क पर बहस करने की बात कर रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट में वैध मतदाताओं के नाम नहीं बता पाए: भाजपा
प्रेम शुक्ला ने कहा कि राहुल गांधी को उन वैध मतदाताओं के नाम सार्वजनिक करने चाहिए, जिनके नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी सुप्रीम कोर्ट में भी ऐसे मतदाताओं के नाम नहीं बता पाए। शुक्ला के मुताबिक, इसी वजह से अदालत में याचिकाएं खारिज हुईं। उन्होंने संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच हुई बहस का जिक्र करते हुए कहा कि चार बार दोनों पक्षों के बीच चर्चा हुई, लेकिन प्रधानमंत्री के भाषण के दौरान राहुल गांधी सदन छोड़कर चले गए।
राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस के विधायकों की संख्या घटी: प्रेम शुक्ला
भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन के आंकड़े पेश करते हुए राहुल गांधी के नेतृत्व पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2004 में देशभर में कांग्रेस के 1,182 विधायक थे, जबकि भाजपा के विधायकों की संख्या 899 थी। वर्ष 2014 में राहुल गांधी के कांग्रेस उपाध्यक्ष बनने के समय कांग्रेस के विधायकों की संख्या घटकर 843 रह गई, जबकि भाजपा के विधायक बढ़कर 1,035 हो गए।
शुक्ला के अनुसार, राहुल गांधी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के समय कांग्रेस के 807 विधायक थे, जबकि भाजपा के विधायकों की संख्या 1,365 हो गई थी। वर्ष 2024 में राहुल गांधी के नेता प्रतिपक्ष बनने के समय कांग्रेस के 654 विधायक और भाजपा के 1,588 विधायक थे। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान में कांग्रेस के 663 और भाजपा के 1,819 विधायक हैं। शुक्ला ने कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस तीन लोकसभा और 60 विधानसभा चुनाव हार चुकी थी। ऐसे में चुनावी हार का ठीकरा मतदाता सूची के पुनरीक्षण पर फोड़ना उचित नहीं है।


