दिल्ली में एयर प्यूरीफाइंग टॉवर लगाने का खाका तैयार करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केन्द्र को दिये निर्देश

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इंडिया रिपोर्टर लाइव

नई दिल्ली. दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केंद्र को निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि सरकार दिल्ली में एयर प्यूरीफाइंग टॉवर लगाने का खाका तैयार करे। सर्वोच्च न्यायालय ने दिल्ली सरकार से भी पूछा है कि उसकी ऑड-ईवन योजना से वायु प्रदूषण में कुछ कमी आई है या नहीं।

सर्वोच्च न्यायालय ने यह भी कहा कि दिल्ली बुरी तरह से कष्ट उठा रही है। आज (शुक्रवार को) भी एयर क्वालिटी इंडेक्स 600 के आसपास था। आखिर लोग सांस कैसे लेंगे। ऑड-ईवन स्कीम वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने का तरीका नहीं है। इस योजना से वायु प्रदूषण में कुछ कमी आई है या नहीं, ये हमें बताया जाए।

‘‘ऑड-ईवन प्रदूषण कम करने का स्थायी हल नहीं हो सकता। खासकर तब जब केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) कह चुका है कि वायु प्रदूषण में कारों का सिर्फ 3% योगदान है। कचरा फैलाना, निर्माण के दौरान गिरने वाला कूड़ा और सड़क से उड़ने वाली धूल भी प्रदूषण स्तर बढ़ने का बड़ा कारण है।’’

आज ऑड-ईवन स्कीम का आखिरी दिन

दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में शुक्रवार सुबह हवा की गुणवत्ता गंभीर स्तर पर पहुंच गई। ज्यादातर इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 700 के ऊपर दर्ज हुआ। इसे वायु प्रदूषण की गंभीर स्थिति है। दिल्ली में गुरुवार को एक्यूआई 472 था। दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद के स्कूलों में 14 और 15 नवंबर को छुट्टी घोषित की गई थी। प्रदूषण से निपटने के लिए केजरीवाल सरकार ने 4 नवंबर को ऑड-ईवन फॉर्मूला लागू किया था, आज इसका आखिरी दिन है।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा- मौसम विभाग का अनुमान है कि 2 से 3 दिन में प्रदूषण के हालात में सुधार आएगा। अगर ऐसा नहीं होता है तो हम ऑड-ईवन को 18 नवंबर तक बढ़ा सकते हैं। उधर, शहरी विकास के लिए बनी संसदीय समिति ने प्रदूषण पर चर्चा के लिए आवास मंत्रालय, डीडीए, एनडीएमसी, सीपीडब्ल्यूडी और दिल्ली के पार्षदों की बैठक बुलाई थी। लेकिन एमसीडी के 3 आयुक्त, डीडीए के उपाध्यक्ष, पर्यावरण विभाग के सचिव नहीं पहुंचे। इस वजह से मीटिंग आगे बढ़ा दी गई। समिति ने अनुपस्थित अधिकारियों के जवाब तलब किया है।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक, सुबह दिल्ली के लोधी रोड इलाके में प्रदूषक कण पीएम2.5 और पीएम10 का स्तर 501 से ज्यादा है। इसी तरह आईटीओ इलाके में भी पीएम2.5 का स्तर 490 दर्ज हुआ। लोधी गार्डन और एम्स के आसपास धुंध और स्मॉग के बीच लोग मॉर्निंग वॉक करते नजर आए।

एयर क्वालिटी इंडेक्स के मानक
एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) को 0-50 के बीच ‘बेहतर’, 51-100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘सामान्य’, 201 से 300 के बीच ‘खराब’, 301 से 400 के बीच ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच ‘गंभीर’ माना जाता है। वहीं, हवा में पीएम 10 का स्तर 100 और पीएम 2.5 60 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।

400 एक्यूआई में ऑक्सीजन कम हो जाती है
दिल्ली स्कूल हेल्थ स्कीम के ईस्ट डिस्ट्रिक्ट इंचार्ज डॉक्टर अनूपनाथ के मुताबिक, वायु प्रदूषण के कारण वरिष्ठ नागरिकों को सबसे ज्यादा दिक्कतें होती हैं। प्रदूषण का जो स्तर है, इसमें ऑक्सीजन की कमी होती है। धीरे-धीरे इंफेक्शन, ब्रॉनकाइटिस की बीमारी बढ़ जाती है। आंख की जलन स्मॉग के कारण बढ़ती है।

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