बारिश के लिए तरस रहा इंदौर

इंडिया रिपोर्टर लाइव
इंदौर, 21 अगस्त 2026। मालवा निमाड़ समेत मध्यभारत का सबसे समृद्ध शहर बारिश की कमी से जूझ रहा है। इंदौर में बारिश का कोटा अभी 20 इंच दूर है और अगस्त आधे से अधिक निकल चुका है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगर स्थिति ऐसी ही बनी रही तो आने वाले समय में शहर में गंभीर जल संकट पैदा हो सकता है।
भगवान गणेश से बारिश की गुहार
हाल ही में खजराना मंदिर प्रबंध समिति की बैठक हुई और उसमें भी यह मुद्दा उठा। शहर को स्वच्छता में नंबर 1 बनाने के लिए की गई प्रार्थना की तर्ज पर अब बारिश के लिए भी भगवान गणेश से प्रार्थना की जाएगी। कलेक्टर शुभम वर्मा ने कहा कि इंदौर पर आने वाली हर विपदा के समय भगवान गणेश से प्रार्थना की जाती है और अल्प वर्षा को लेकर भी इस पर विचार किया जा रहा है। इंदौर आज जो भी है उसमें भगवान खजराना गणेश का आशीर्वाद है और जब भी यहां कोई परेशानी आई है तो भगवान गणेश से प्रार्थना की जाती है।
पूर्व सांसद सुमित्रा महाजन ने भी की थी पूजा
इंदौर में बारिश न होने पर पांडुरंगपुरा स्थित प्राचीन इंद्रदेव मंदिर में पूजा की परंपरा है। इसी क्रम में पूर्व सांसद सुमित्रा महाजन ने बीते शनिवार को मंदिर पहुंचकर विशेष पूजा की थी। हालांकि इसके बाद भी शहर में बारिश में कोई उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज नहीं की गई है।
मौसम विभाग का अनुमान
मौसम विभाग के अनुसार 18 अगस्त तक इंदौर में केवल 16 से 17 इंच बारिश दर्ज की गई है जो पिछले साल की तुलना में 6 इंच कम है। मौसम वैज्ञानिक आनंद हरसाना के मुताबिक अगले सप्ताह केवल हल्की बारिश की संभावना है हालांकि कुछ हिस्सों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।
इंदौर के आसपास खूब बारिश, शहर क्यों रह गया सूखा…
पर्यावरणविद् ओपी जोशी ने बताया कि पिछले कुछ साल में प्रकृति का पूरा सिस्टम ही तबाह हो गया है। पहले मानसून पूरे भारत में एक जैसा आता था और अब कहीं ज्यादा पानी गिरता है और कहीं कम पानी गिरता है। इसका सबसे बड़ा कारण है हर जगह जंगलों का कटना, तालाबों और जल संरचनाओं का सूखना। शहरों से इतनी गर्मी, धुआं और जहरीली गैसें निकलती रहती हैं कि कई बार बारिश गिरने के लिए अनुकूल मौसम ही नहीं बन पाता। इस वजह से हम यह दृश्य देख रहे हैं कि कहीं पर बहुत अधिक बारिश है और कहीं पर सूखा पड़ रहा है।


