ट्रंप का तेहरान हमलों पर बड़ा दावा

इंडिया रिपोर्टर लाइव
वॉशिंगटन, 21 अगस्त 2026। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ईरान से जुड़े रणनीतिक जलमार्गों पर “लगभग नियंत्रण” कर रहा है और जल्द ही वहां पूरी तरह नियंत्रण हासिल कर लेगा। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ट्रंप ने कहा, ”जब हमने बी-2 बमवर्षकों से उन पर हमला किया, तब वे परमाणु हथियार हासिल करने से ठीक दो सप्ताह दूर थे। यही वजह थी कि मुझे ऐसा करना पड़ा।” ट्रंप ने अपने पूर्व निजी वकील माइकल कोहेन के साथ एक साक्षात्कार में ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई का बचाव किया। उन्होंने यह भी माना कि इस संघर्ष के कारण अमेरिकी लोगों को पेट्रोल और ऊर्जा की अधिक कीमत चुकानी पड़ सकती है।
ईरान के साथ अमेरिका का समझौता करना क्यों हुआ मुश्किल?
77 डब्ल्यूएबीसी रेडियो पर प्रसारित साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा, ”अब ईरान के पास कभी परमाणु हथियार नहीं होगा। हम जलडमरूमध्य पर नियंत्रण कर रहे हैं और जल्द ही पूरा नियंत्रण कर लेंगे। हम ईरान के साथ बहुत अच्छा कर रहे हैं।” बुधवार को जारी साक्षात्कार के इस हिस्से में ट्रंप ने जलमार्गों का नाम नहीं बताया। उन्होंने कहा कि ईरान की नौसेना, वायुसेना और नेतृत्व को गंभीर नुकसान पहुंचा है, जिससे बातचीत के जरिए समझौता करना मुश्किल हो गया है। ट्रंप ने कहा, ”समस्या का एक हिस्सा यह है कि बहुत से नेता चले गए हैं। समझौता करना आसान नहीं है। कोई नहीं जानता कि नेतृत्व कौन कर रहा है।”
अमेरिका में बढ़ती ऊर्जा कीमतों पर क्या बोले ट्रंप?
उन्होंने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए अमेरिकी उपभोक्ताओं को बढ़ी हुई कीमतों का सामना करना पड़ सकता है। राष्ट्रपति ने कहा, ”और मैं उनसे कहता हूं कि आपकी ऊर्जा की लागत थोड़ी अधिक होगी, पेट्रोल की कीमत भी थोड़ी अधिक होगी। लेकिन हमें मध्य पूर्व का सफर तय करना होगा, क्योंकि हम ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दे सकते।” उन्होंने दावा किया कि ईरान को सैन्य रूप से पूरी तरह तबाह कर दिया गया है और उसकी मिसाइलों तथा ड्रोन बनाने की क्षमता काफी कम हो गई है। उन्होंने बढ़ती महंगाई, कमजोर मुद्रा और सैन्यकर्मियों को वेतन नहीं मिलने का भी जिक्र किया और इन्हें तेहरान पर बढ़ते दबाव का संकेत बताया।
क्या इस्राइल को खत्म कर देता ईरान?
उन्होंने कहा, ”मैंने ऐसा क्यों किया, और हमारे पास कोई विकल्प नहीं था, मैं इसे फिर से सौ बार करता, वे परमाणु हथियार नहीं रख सकते और उनके पास परमाणु हथियार नहीं होगा।” ट्रंप ने ईरान के परमाणु ठिकानों के खिलाफ बी-2 बमवर्षक विमानों के इस्तेमाल का भी बचाव किया। उन्होंने कहा कि यह अभियान देर रात चलाया गया और हर बम अपने लक्ष्य पर गिरा। उन्होंने कहा, ”जब हमने बी-2 बमवर्षकों से उन पर हमला किया, तब वे परमाणु हथियार हासिल करने से ठीक दो सप्ताह दूर थे। और यही वजह थी कि मुझे ऐसा करना पड़ा, क्योंकि आप उन्हें इस तरह का हथियार रखने की अनुमति नहीं दे सकते।” राष्ट्रपति ने कहा कि अगर ईरान परमाणु हथियार हासिल कर लेता तो वह इस्राइल और मध्य पूर्व के अन्य देशों पर हमला करता। उन्होंने सऊदी अरब, कतर, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत और बहरीन का नाम लेते हुए कहा कि इन देशों को ईरान की मिसाइलों से निशाना बनाया गया था। उन्होंने कहा, ”अगर डोनाल्ड ट्रंप नहीं होते तो इस्राइल नहीं होता। मेरा मानना है कि पूरा मध्य पूर्व तबाह हो जाता, लेकिन इस्राइल निश्चित रूप से तबाह हो जाता।” कोहेन कई वर्षों तक ट्रंप के निजी वकील और करीबी सहयोगी रहे। बाद में दोनों के बीच सार्वजनिक रूप से विवाद हो गया। इसके बाद कोहेन ने ट्रंप के खिलाफ गवाही दी और उनके प्रमुख आलोचकों में शामिल हो गए।

