‘देश में एकात्मक शासन की ताक में भाजपा’, स्टालिन बोले- ‘एक देश एक चुनाव’ लोकतंत्र के लिए खतरा

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चेन्नई  19 जनवरी 2025। देशभर में ‘एक देश एक चुनाव’ को लेकर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच मुठभेड़ जारी है। इसी बीच तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने शनिवार को भाजपा और उसके सहयोगियों से ‘एक देश एक चुनाव’ योजना का विरोध करने की अपील की। उन्होंने कहा कि भाजपा इस योजना के जरिए देश में एक पार्टी का शासन लागू करना चाहती है। हमें भाजपा की एक देश, एक चुनाव योजना का विरोध करना चाहिए, क्योंकि वह देश में एक पार्टी का शासन लाना चाहती है।

एक देश एक चुनाव को बताया लोकतंत्र के लिए खतरा
डीएमके कानूनी विंग के तीसरे राज्य सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा सीएम स्टालिन ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वे मानते हैं कि यदि यह योजना लागू होती है तो पूरे देश में एक साथ चुनाव होंगे। इससे देश में एकात्मक शासन (एक पार्टी का शासन) की स्थिति बन जाएगी। जो लोकतंत्र के लिए खतरनाक है। साथ ही स्टालिन ने यह भी कहा कि इस कदम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अधिक शक्ति मिल सकती है, जो तानाशाही की ओर बढ़ सकता है।

राज्यपाल पर साधा निशाना
अपने संबोधन के दौरान सीएम ने राज्यपाल आर एन रवि पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्यपाल एन रवि डीएमके सरकार को संविधान विरोधी साबित करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राज्यपाल ने विधानसभा से उस समय वॉकआउट किया, जब राष्ट्रगान नहीं बजाया गया। स्टालिन ने केंद्र से आग्रह किया कि राज्यपाल को न बदला जाए, क्योंकि उनके बयान भाजपा को और अधिक बेनकाब करेंगे।

भाजपा सहयोगियों को दी चेतावनी
सीएम स्टालिन ने भाजपा के सहयोगियों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे भाजपा की योजनाओं का हिस्सा न बनें और इस तरह के कानून का समर्थन न करें जो देश के संघीय ढांचे के खिलाफ हो। साथ ही स्टालिन ने अपनी पार्टी डीएमके के कानूनी विंग की तारीफ की। अंत में स्टालिन ने केंद्र से ‘एक देश, एक चुनाव’ योजना को वापस लेने की मांग की और महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों को रोकने के लिए कानून में बदलाव के लिए अपनी पार्टी की तरफ से धन्यवाद प्रस्ताव भी पारित किया।

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